अश्वगंधा के फायदे, नुकसान, लाभ और गुण

नमस्कार दोस्तों एक बार फिर स्वागत है आपका Healthydawa.com के एक दिलचस्प आर्टिकल में । आज का आर्टिकल दोस्तों थोडा खास होने वाला है क्योकि आज हम किसी रोग या बिमारी को ढ़ीक करने के उपायों के बारे में नही बताएगे बल्कि आज हम एक आयुर्वेदिक औषधि अश्वंगधा ( Ashwagandha ) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देगे ।

अश्वगंधा अपने गुणों के लिए दुनियाभर में मशहूर है जिसकी वजह से इससे जुडे कई भ्रम और अफवाए भी उडती हैं । उन्ही अफवाहों और भ्रमों को दूर करने के लिए आज हम इस आर्टकिल में बताने जा रहे हैं अश्वगंधा के फायदे ( Ashwagandha ke fayde ) और अश्वगंधा के नुकसान, साथ में आपको अश्वगंधा से जुडी सभी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी ताकि स्वस्थ तरीके से इस आयुर्वेदिक औषधि का उपयोग खुदको स्वस्थ रखने के लिए कर सकें ।

लेकिन ध्यान रहे की आपको इसका उपयोग किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना है क्योकि अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक जड़ी-बुटी है जिसका कुछ हालतों में सेवन करने से थोड़ा नुकसान हो सकता है । वैसे तो ये एक प्राकृतिक दवा है इसलिए इसके कोई गंभीर Side effects नही होते लेकिन फिर भी इसे डॉक्टर की सलाह के बाद लेने में ही समझदारी है ।

तो आपका ज्यादा समय ना लेते हुए चलिए जानते हैं Ashwagandha ke fayde लेकिन इससे पहले जान लेते हैं कि अश्वगंधा क्या है? इसके बाद हम आपको Ashwagandha churn ke fayde के बारे में भी बताएगे

अश्वगंधा क्या है ( Ashwagandha kya hai )

 

Ashwagandha ke fayde
Ashwagandha ke fayde

अश्वगंधा एक पौधा होता है जिसकी जड़ो एंव बेरीयों का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है । कुछ आयुर्वेदिक आचर्यों के अनुसार अश्ववंधा की जड़ को मसलने पर उसमें घोड़े के पेशाब जैसी गंध आती है ये असली और अच्छी अश्वगंधा की निशानी हैं ।

आज अश्वगंधा का प्रयोग हर प्रकार के रोगों में किया जाता है । इसमें कई चमात्कारी गुण हैं जो कई भयानक और गंभीर बिमारीयों को ढ़ीक करने में कारगर हैॆं । English में अश्वगंधा को विथानिया सोम्निफेरा (Withania somnifera) कहा जाता है

इसमें कई प्रकार के तनावरोधी, सुजनरोधी और बैक्टीरियलरोधी गुण मौजूद होते हैं जो इसको दुनिया भर में प्रसिध्द बनाते हैं ।

अश्वगंधा किन-किन नामों से जाना जाता है?
अश्वगंधा की भारत, नेपाल और चीन समेत दुनिया के कई हिस्सो में खेती की जाती है इसलिए इसे दुनिया भर में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे:-

विंटर चेरी, डी’हैग्लिंग, वराहकर्णी, भारतीय जिनसेंग ( Indian Ginseng ), असोदा ( Asoda ) सेरेन्था डिएगो, कानाजे हिंदी ( Kanaje Hindi ) अवाराडा ( Avarada ), घोडासोडा, असकन्धा, वाजिगंधा ( Vajigandha ), वराहकर्णी, सेम अल अलख,
मेहरनानबरारी, बलदा, हयवाया ( Hayahvaya ), सैम अल रेरख ( Samm Al Rerakh ), अमनगुरा,
स्ट्राइकोनोस ( Strychnos ) फिजलिस सोम्निफेरा ( Physalis somnifera ), असगंध-ए-नागौरी, विरेमङड्लनागड्डी, अमुकरग, पेएट, विंटर चैरी ( Winter Cherry ), आसन, असवगंधा, टिल्लि (Tilli)

अश्वगंधा के लाभ ( Ashwagandha ke fayde )

अश्वगंधा दुनिया भर में अपने गुणों के लिए मशहूर है । इसमें एंटीबैक्टिरीयल, और सूजनरोधी गुण मौजूद हैं इसके इसका अलग-अलग रोगों एंव समस्याओं में भी प्रयोग किया जाता है ।

 

अश्वगंधा एक प्राचीन जड़ी-बुटी है । ये औषधि तनाव को दूर करने में बहुत लाभदायक है । इसके अलावा अश्वगंधा से शरीर और दिमाग को अन्य Benefits भी मिलते हैं । ये दवा ब्रेन फंक्शन को सुधारती है, खून में शुगर के स्तर को कम करती है, और कार्टिसोल को भी कम करते ही । इसके अलावा अश्वगंधा के अनेकों फायदे होते हैं जिनमें से कुछ के बारे में हम यहाँ विस्तार से बता रहे हैं ।

अश्वगंधा खूव में शुगर के स्तर को कम करता है Ashwagandha usea for blood sugar in hindi )

कई अध्यययनों में ये बात साबित हो चुकी है की अश्वगंधा से खून में शुगर का स्तर कम होता है । एक टेस्ट-ट्यूव स्टाड़ी में पता चला की अश्वगंधा के सेवन से इंसुलिन का उत्पादन बढ़ता है और मांसपेशियों की कोशिकाओं में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ती है ।




schizophrenia से पीडित व्यक्तियों पर 4 हफ्तों तक एक स्टाड़ी हुई थी जिनमें उन लोगो का इलाज अश्वगंधा से किया गया था 4 हफ्तों के बाद इनके खून के फास्टिंग शुगर का लेवल 13.5 mg/dL तक कम हो गया था यानी schizophrenia के इलाज में अश्वगंधा प्रभावी रही थी ।

इसके अलावा 6 लोगों पर एक छोटा सा अध्ययन हुआ था जिसमें टाइप 2 मधुमेंह ( type 2 diabetes ) से पीडित लोगो को 30 दिनों तक अश्वगंधा का supplement दिया गया था जिसका नतीजा ये हुअ था कि उन लोगो का फास्टिंग ब्लड शुगर कम हो गया था ।

अश्वगंधा में कैंसररोधी गुण पाए जाते हैं
जानवरों और टेस्ट-ट्यूव स्टाडीयों में पाया है गया है की अश्वगंधा में कैंसररोधी ( anticancer ) गुण मौजूद होते हैं । इसके अलावा ये शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को भी बनने से रोकता है ।

लेकिन ये जड़ी-बुटी कैंसर पर इतनी कारगर क्यो है? दरअसल अश्वगंधा कैंसर की कोशिकाओं में रीएक्टिव ऑक्सिजन स्पीसीस ( reactive oxygen species ) बढ़ाता है जिससे उन कोशिकाओं का फंक्शन बिगड़ जाता है इसके अलाना अश्वगंधा की वजह से कैसंर की कोशिकाए एपोप्टोसिस ( apoptosis ) कम कर देते हैं ।

जानवरों पर हुए कई अध्ययनों से पता चलता है की अश्वगंधा स्तन, फेफड़े, कोलन, मस्तिष्क और डिम्बग्रंथि सहित कई अन्य प्रकार के कैंसर का इलाज करने में मदद कर सकता है ।

एक अध्ययन में डिम्बग्रंथि ट्यूमर से पीडित चुहे का इलाज अश्वगंधा के साथ अन्य एंटी-कैंसर दवाओं के साथ किया जिसके कारण ट्यूमर की वृध्दि 70 से 80 प्रतिशत तक रूक गई थी । इसके अलावा कैंसर दूसरे अंग तक फैलने से भी रूका ।

हलाकि ये बात पुरी तरह साबित नही हुई है की क्या अश्वगंधा का इंसानों पर भी यही प्रभाव होता है? क्योकि इस विषय पर रीसर्च और खोज चल रही हैैं इसलिए पुरी तरह से ये नही कहा जा सकता की अश्वगंधा कैंसर के इलाज में कारगर है । हाँ लेकिन इसमें एंटी-कैंसर गुण मौजूद हैं इसमें कोऊ शक नही, लेकिन भी फिर भी अश्वगंधा को सीधे कैंसर में नही लेना चाहिए और कैंसर से बचाब के लिए भी डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए

कार्टिसोल का स्तर कम करता है

कार्टिसोल एक हार्मोन है जिसका उत्पादन अधिवृक्क ग्रंथि ( adrenal glands ) से तनाव के दौरान होता है । इसके अलावा इस हार्मोन की मात्रा तब भी बढ़ जाती है जब खूनमें शुगर का स्तर कम हो जाता है ।

दुर्भाग्य से, कुछ मामलों में, कोर्टिसोल का स्तर लंबे समय तक बढ़ सकता है, जिससे जिससे खून में शुगर का बढ़ सकता है जिसके कारण पेट और कमर के आस-पास चर्बी बढ़ सकती है ।

मगर अच्छी बात ये है की अश्वगंधा शरीर में बढ़े कार्टिसोल के स्तर को कम कर सकता है । एक स्टाडी में गंभीर रूप से तनाव से ग्रस्त वयस्को को अश्वगंधा का supplement दिया गया जिसके बाद उनका तनाव काफी कम हो गया । जिन लोगों ने अधिक मात्रा में अश्वगंधा का सेवन किया था उन लोगो का तनाव औसतन 30 प्रतिशत तक कम हो गया था ।

तनाव को कम करता है ( Reduce stress )




अश्वगंधा तनाव में बहुत लाभदायक है शोधकर्ताओं ने पाया है कि अश्वगंधा से तंत्रिका तंत्र में रासायनिक संकेतन को नियंत्रित करके चूहों के दिमाग में तनाव के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, इसके अलावा इंसानों पर हुई कई रीसर्चों में पता चला है की अश्वगंधा से तनाव और anxiety disorders दूर होते हैं ।

एक 60 दिन की स्टाडी में 64 गंभीर तनाव से पीडित लोगों को अश्वगंधा का supplement दिया गया जिसके बाद औसतंन उनके तनाव और अनिद्रा में 69 प्रतिशत कमी आ गई जबकि एक दूसरे अध्ययन में मरीजों को placebo दिया गया जिसमें से केवल 11 प्रतिशत मरीजों को ही राहत मिली यानी अश्वगंधा placebo से कई गुना ज्यादा बेहतर है ।

एक 6 हफ्तों की स्टाडी में पता चला की जिन लोगों ने अश्वगंधा लिया था इनमें से 88 प्रतिशत लोगों केे तनाव में कमी आई थी । जबकि placebo लेने वाले में केवल 50 प्रतिशत लोगों के तनाव में भी कमी आई थी ।

टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाता है

अश्वगंधा के supplements टेस्टोस्टेरोन ( testosterone ) के स्तर को बढ़ाते हैं । खासकर की मर्दों के टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने में अश्वगंधा काफी फायदेमंद है । अश्वगंधा का नियमित इस्तेमाल करने से टेस्टोस्टेरोन का लेवल कई गुना बढ़ सकता है

इसके अलावा शोधकर्तों ने बताया की जिन लोगों नें अश्वगंधा का सेवन किया था उनके खून में एंटी-ऑक्सीडेंट ( antioxidant ) की मात्र भी बढ़ गई थी ।

मांसपेशियों को मजबूत करता है और शरीर की ताकत बढ़ाता है

कई रीसर्चों में पता चला है की अश्वगगंधा से Muscle mass बढ़ता है और शारीरिक शक्ति भी बढ़ती है ये उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो दुबले पतले हैं और बॉडी बनाना चहाते हैं ।

एक अध्ययन में स्वस्थ पुरूषों नें 750 से 1250 मीलीग्राम पुलीव्यूरीड अश्वगंधा को लिया था जिसके बाद उन सभी की मासपेशियों की शक्ति बढ़ गई थी ।

इसलिए अश्वगंधा उन लोगो के लिए भी लाभदायक है जो अपना वजन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी बॉडी को भी डेवलप करना चहाते हैं ।

सुजन को खत्म करता है

अश्वगंधा शरीर की सूजन खत्म करने में भी एक कारगर औषधि है । हाल ही कई स्टाडी भी बताती हैं की इससे इंफैमेशन कम होती है । इंसानों पर हुए कई शोधों के मुताबिक ये प्राकृति natural killer cells की Activity को बढ़ाता है जोकि इम्यून कोशिकाएं होती हैं जो इंफेक्शन से लड़ती हैं ।

कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है




सुजनरोधी होने के साथ अश्वगंधा दिल के लिए भी अच्छा माना जाता है क्योकि ये कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है जिससे दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है ।

जानवरों पर हुई कई खोजों के अनुसार अश्वगंधा खून में पाए जाने वाले इन फैट्स को कम करता है । कुछ चुहों पर हुए अध्ययनों में अश्वगंधा देने पर उनका कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स 53 प्रतिशत तक कम हो गया था । आप सोच रहे होगें की हम यहाँ जानवरों की क्यों बात कर रहें है? दरअसल इंसानों पर अभी तक अश्वगंधा के असर को लेकर ज्याादा अध्ययन नही हैं इसलिए हम आपके सामने आधूरी जानकारी पेश नही कर सकते हैं ।

लेकिन फिर भी कुछ रीसर्चों बताती हैं की अश्वगंधा कोलेस्ट्रॉल को कम करता है जिससे दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है ।

दिमाग को स्वस्थ रखता है और यादाश्त बढ़ाता है

टेस्ट ट्यूव और जानवरो पर हुए कुछ अध्ययनों के मुताबिक किसी दुर्षटना, चोट या बिमारी से कमजोर हुई यादाश्त में अश्वगंधा लेने से यादाश्त ढ़ीक होने लगती है ।

रीसर्चों के मुताबिक अश्वगंधा एंटी-ऑक्सीडेंटों को बढ़ाता है जो नर्व सैल्स को फ्री रेडीकलों से बचाता है । यही कारण है की यादाश्त बढ़ाने वाले आयुर्वेदिक टॉनिको में अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जाता है ।

इसके अलावा अश्वगंधा में मौजूद तत्व दिमाग को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं जिसके कारण भी यादाश्त बढ़ती है ।

अनिद्रा की समस्या में अश्वगंधा के फायदे

आज कल की व्यस्त और तनाव से भरी जिंदगी के चलते लोगो को अनिद्रा की समस्या रहती हैं ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें रात को नींद नही आती । मगर सही तरीके से अश्वगंधा का इस्तेमाल करने से अनिद्रा से छुटकारा पाया जा सकता है त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट के अध्ययन के मुताबिक अश्वगंधा का सेवन करने से अनिद्रा में फायदा मिल सकता है क्योकि अश्वगंधा की पत्तियों के अंदर ट्राइथिलीन ग्लाइकोल नाम का यौगिक मौजूद होता है जो गहरी नींद देता है ।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में है अश्वगंधा फायदेमंद

अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता ( Immunity ) मजबूत ना हों तो व्यक्ति कभी स्वस्थ नही रह सकता क्योकि वो अपना कितना भी ध्यान रख ले, लेकिन बिमारीयां उसे घेरे रखेगी जिससे उसका स्वास्थ्य दिन पर दिन गिरता चला जाएगा । अश्वगंधा में इम्यूनीटि बूस्ट करने वाले कई तत्व होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं ।

थायराइड की समस्याओ में अश्वगंधा लाभदायक
गले में एक छोटी सी ग्रंथि मौजूद होती है जिसे थायराइड कहते हैं इस ग्रंथि से कई हार्मोन्स का उत्पादन होता है जो शरीर के विभिन्न क्रिया-कलापों में सहायक होते हैं । लेकिन जब इस ग्रंथि में कोई गडबड़ी हो जाती है या इससे निकलने वाले हार्मोन्स में असंतुलन हो जाता है तो इससे कई पेरशानियां हो जाती है इसी को थायराइड की समस्याएं कहते हैं ।
लेकिन अश्वगंधा का नियमित इस्तेमाल थायराइड की समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है ।

एक अध्ययन में थायराइड की समस्याओं से परेशान चूहों को नियमित अश्वगंधा का सेवन कराया गया जिसके बाद उनके थायराइड के हार्मोंस संतुलित होने लगे इसके अलावा इंसानों पर भी हुए कई अध्ययन में अश्वगंधा को थायराइड में फायदेमंद माना गया है ।

आँखों से जुड़ी समस्याओं में अश्वगंधा फायदेमंद
गलत जीवनशैली और दिनो-दिन बढ़ते जा रहें डिजिटलों उपकरणों के उपयोग के कारण आँखों से जुडी समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं । जिनमें मुख्यतौर पर मोतिबिंद आता है । मोतियाबिंद में यदि ज्यादा लापरवाही बर्ती जाए तो इससे व्यक्ति अंधा तक हो सकता है । अश्वगंधा एक ऐसी जादुई जड़ी-बुटी है जो मोतियाबिंद से पीडित लोगों को भी लाभ पहुचाती है

हैदराबाद के कुछ वैज्ञानिकों नें अश्वगंधा के मोतियाबिंद पर प्रभाव जानने के लिए कुछ अध्ययन किये जिसमें पाया गया की अश्वगंधा मोतिबिंद में प्रभावकारी हो सकता है ।

गठिया में है अश्वगंधा प्रभावकारी

गठिया एक बहुत ही दर्दनाक समस्या है जिससे पीडित मरीज चलने-फिरने तक के मतलब का नही रहता है । गठिया से छुटकारा पाने के लिए बहुत से लोग घरेलू उपाय अजमाते हैं लेकिन सबसे अच्छा अश्वगंधा रहता है । क्योकि इसमें सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं जिसकी वजह ये गठिया में कारगर साबित होता है । लेकिन अश्वगंधा के साथ डॉक्टरी ईलाज भी जरूर कराए इसले जल्दी फायदा मिलेगा

संक्रमंणो से बचाव में उपयोगी अश्वगंधा

वैज्ञानिकों के द्वारा किये गए कई शोधों में पता चला है की अश्वगंधा में बैक्टेरीयलरोधी गुण होते हैं जिनसे जिसके कारण अश्वगंधा संक्रमंणे से हुने वाली कई बिमारीयों से बचाता है ।

वजन घटाने में अश्वगंधा लाभकारी

जैसा की मेने पहले कहा की अश्वगंधा बॉडी बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है लेकिन अश्वगंधा से केवल Muscle mass ही नही बढ़ाता बल्कि ये मोटापा भी कम करता है । NCIB नें अपनी बेसाइट पर एक लेख प्रकाशित किया जिसके अनुसार अश्वगंधा का अर्क शरीर की फालतू चर्बी से छुटकारा पाने में मदद कर सकता है ।

इसके अलावा अश्वगंधा से तनाव और Stress भी कम होता है जिससे Emotional eating कम होती और भूख भी शांत होती है । लेकिन केवल अश्वगंधा के भरोसे नही बैठना चाहिए, अश्वगंधा से फायदा तभी मिलेगा जब इसे सही डाइट और प्रोपर एक्सरसाइज के साथ लिया जाए

उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है अश्वगंधा

हम पहले भी आपको कई बार बता चुके हैं की अश्वगंधा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को फ्री रेडीकल्स से बचाते हैं । जिसकी वजह से बढ़ती हुई उम्र के लक्षण जैसे- झुर्रियां, झाइयां और स्किन का ढ़ीलापन दूर होता है जिसके कारण व्यक्ति अपनी उम्र से कम मालूम पड़ता है ।

त्वचा की सूजन में है अश्वगंधा फायदेमंद

अश्वगंधा एक सूजनरोधी आयुर्वेदिक जड़ी-बुटी है जो त्वचा और शरीर की सूजन को कम करता है इसके अलावा ये एक एंटी-बैक्टेरीयल भी है जिसको अगर एक विशेष प्रकार का लेप बना कर त्वचा पर उपयोग किया जाए तो इससे स्किन की सूजन घटती है ।

अश्वगंधा के दुष्प्रभाव ( Ashwagandha ke nuksan )

अश्वगंधा बहुत ही प्रभावकारी आयुर्वेदिक जड़ी-बुटी है जिसके अनेकों फायदें हैं लेकिन अगर इसे जरूरी सावधानियों और चेताविनायों का ध्यान रखे बिना इस्तेमाल किया जाए तो इससे कई समस्याए और Side effects हो सकते हैं जिनमें से कुछ के बारे में हम यहाँ बता रहे हैं ।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर अश्वगंधा का प्रभाव:- जो महिलाओं गर्भवती हैं उनको अश्वगंधा का सेवन बिल्कुल नही करना चाहिए क्योकि कुछ सबूत इस बात की ओर इशारा करते हैं की अश्वगंधा से गर्भपात ( miscarriages ) हो सकता है । इस बारे में अभी पुरी जानकारी उपलब्ध नही है की अश्वगंधा का स्तनपान कराने वाली महिलों पर क्या प्रभाव पडता है लेकिन आपको सुराक्षित रहने के लिए इससे दूर रहना चाहिए यदि बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिला हैं ।

मधुमेह:- जैसा की हमने पहले कहा अश्वगंधा से ब्लड शुगर कम होता है जिससे मधुमेह को काबू और इलाज करने में मदद मिल सकती है लेकिन यदि अश्वगंधा के सेवन के दौरान दूसरी दवाओं का भी इस्तेमाल किया जाए तो इससे दूसरी दवाओं के असर पर प्रभार पड सकता है ।

लॉ या हाइ ब्लड प्रैशर का होना:- अश्वगंधा से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है जिसके कारण Low blood प्रैशर होने वाले लोगों का ब्लड प्रेशर और अधिक Low हो सकता है । इसके अलावा जो लोग हाइ ब्लड प्रैशर की दवा ले रहे हैं उनके दवा में भी अश्वगंधा दखल डाल सकता है । इसलिए यदि आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है या ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं तो पुरी सावधानियों के बाद ही अश्वगंधा का सेवन करें ।

पेट का अल्सर: अश्वगंधा जठरांत्र (जीआई) पथ में दिक्कत पैदा कर सकता है। इसलिए यदि आपको पेट में अल्सर हो तो अश्वगंधा का उपयोग न करें।

सर्जरी: अश्वगंधा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को धीमा कर सकता है। इसलिए सर्जरी से कम से कम 2 हफ्ते पहले अश्वगंधा का सेवन बिल्कुल बंद कर दें ।

अश्वगंधा किन-किन रूपों में उपलब्ध है
मार्केट में अश्वगंधा विभिन्न रूपों जैसे:- चाय, कैप्सूल, रस, टेबलेट और तेल में उपलब्ध है आप अपनी जरूरत व सुविधा के अनुसार अश्वगंधा के रूप का इस्तेमाल कर सकते हैं वैसे अश्वगंधा को ज्यादातर पाऊडर व चुर्ण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है । आप अश्वगंधा पाऊडर को पानी, घी, शहद और दूध के साथ ले सकते हैं । तो अब आप समझ गए होगे की अश्वगंधा चूर्ण का उपयोग कैसे करें ।

अश्वगंधा का सेवन करते समय ध्यान रखें की आप इसको 3 से 6 ग्राम से ज्यादा ना लें । वैसे अश्वगंधा की खुराक व्यक्ति की उम्र, सेहत, वजन और अन्य कई कारको को देखने के बाद दी जाती है इसलिए हम आपको सलाह देगें की बिना डॉक्टर की सलाह के अश्वगंधा का इस्तेमाल ना करें ।

अश्वगंधा के सबसे अच्छे पाऊडर

तो अब आप अश्वगंधा के फायदे ( Ashwagandha ke fayde ), अश्वगंधा के नुकसान के बारे में समझ गए होगे और आपको ये भी पता चल गया होगा की अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कैसे करें ? चलिए अब सबसे अच्छे अश्वगंधा चूर्ण के बारे में जानते हैं क्योकि बाजार में अश्वगंधा के हजारों प्रोडक्ट उपलब्ध है लेकिन अश्वगंधा से फायदे लेने के लिए जरूरी है की आप अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट चुनें इसलिए हम यहाँ कुछ अच्छी क्वालिटी और शुध्द क्वालिटि के अश्वगंधा के प्रोडक्टों के बारे में बता रहे हैं ।

ऑर्गेनिक अश्वगंधा पाऊडर

ऑर्गेनिक अश्वगंधा पाउडर एक बहुत ही अच्छा पैराबेन-मुक्त एडाप्टोजेनिक जड़ी बूटी वाला अश्वगंधा पाउडर है जिसका नियमिक सेवन ऊर्जा और जीवनी शक्ति देता है। यह आम तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला आयुर्वेदिक फार्माकोपिया है जो तनाव से लड़ने में मदद करता है और आरामदायक चुस्त नींद भी देता है।

यह पाऊडर सूजन और गठिया से लड़ता है इसके अलावा ऑर्गेनिक अश्वगंधा पाउडर फाइबर का भी अच्छा स्त्रोत है जोकि पाचन शक्ति को बढ़ाता है और एंटी-ऑक्सीडेंट भी देता है ।

यह अश्वगंधा पाऊडर पुरी तरह शुध्द अश्वगंधा की जड़ो से बना है जिसे आयुर्वेदिक तरीकों के अनुसार बनाया गया है । स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आपको 5 ग्राम इस पाऊडर का दिन में 2 बार सेवन करना चाहिए । ये प्रोडक्ट 100 प्रतिशत शाकाहारी है जिसका इस्तेमाल पुरूष और महिला दोनो कर सकते हैं । यह आपको बहुत ज्यादा ऊर्जा देगा, शरीर की ताकत बढ़ाएगा और जोड़ो के दर्द में भी राहत पहुचाएगा ।

इस अश्वगंधा पाऊडर के पैकेट में आपको 227 ग्राम पाऊडर दिया जाएगा । इस प्रोडक्ट में किसी भी तरह के हानिकार कैमिकल्स और गैसों का इस्तेमाल नही किया गया है यानी ये आपके लिए अश्वगंधा का बेस्ट पाऊडर है ।

आपको क्यो खरीदना चाहिए:~

•एक जानी-मानी आयुर्वेदिक औषधि का पाऊडर है

•एक विश्वनीय ब्रांड के द्वारा बनाया गया है

•100 प्रतिशत शुध्द अश्वगंधा की जड़ो से बनाया गया है

•अच्छी और आरामदायक नींद देता है तथा तनाव को कम करता है

•ऊर्जा का अच्छा स्त्रोत है

हैल्थविट नेचुरल अश्वगंधा पाऊडर

हैल्थविट नेचुरल अश्वगंधा पाऊडर सबसेे बढ़िया अश्वगंधा के पाऊडरों में से एक है जोकि आरामदायक नींद को बढ़ाता है और तनाव के स्तर को कम करता है । इस अश्वगंधा पाऊडर को भी 100 प्रतिशत शुध्द अश्वगंधा की जड़ो से बनाया गया जोकि जोड़ो के movements को बढ़ाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है ।

ये पाऊडर शरीर की ऊर्जा बढ़ाने के साथ मूड को अच्छा रखता है, एंटी-ऑक्सीडेंट देता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है । इसके साथ ही ये हाइपरटेंशन को भी कम करता है ।

हैल्थविट नेचुरल अश्वगंधा पाऊडर में किसी भी तरह की शुगर, कृत्रिम कलर या किसी अन्य कैमिल का इस्तेमाल नही किया गया है । इस प्रोडक्ट से अधिक लाभ उठाने के लिए आपको 3.5 ग्राम अश्वगंधा के पाऊडर के साथ गुनगुने पानी या दूध के साथ पीना चाहिए

इस पाऊडर का सेवन करने के लिए पाऊडर को पानी या दूध में डालिये और पी लिजिए यदि आप अपने शरीर का वात दोष खत्म करना चहाते हैं तो आपको प्रतिदिन 12 ग्राम पाऊडर को गर्म दूध के साथ चार महीनों तक सेवन करना होगा ।

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इसमें भी वही गुण मौजूद है जो ऑर्गेनिक अश्वगंधा पाउडर में है ।

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कर्मेल ऑर्गेनिक्स अश्वगंधा पाऊडर

अश्वगंधा को भारतीय जिनसिंग के नाम से भी जाना जाता है जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद है । कर्मेल ऑर्गेनिक्स अश्वगंधा पाऊडर भी एक अश्वगंधा पाऊडर है जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ देता है । ये प्रोडक्ट एक इम्यूनिटी बूस्टर, तनावरोधी, और सूजनरोधी है । यदि आपको रात को सोने में दिक्कत होती है तो ये पाऊडर काफी फायदेमंद साबित हो सकता है ।

इस प्रोडक्ट को बनाने में किसी भी तरह के कैमिकल्स का इस्तेमाल नही किया गया है यानी ये 100 प्रकृतिक प्रोडक्ट है । आप इस पाऊडर के एक चम्मच को दूध या गर्म पानी में डाल कर ले सकते हैं । इस पाऊडर को बनाने वाली कम्पनी के अनुसार बेहतर परिणामों के लिए इसे दिन में 2 बार लेना चाहिए । लेकिन हम आपको सलाह देगे की बिना डॉक्टर की सलाह के कोई खुराक तय ना करें ।

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•पुरी तरह प्राकृति तत्वों से बनाया गया है
•रोग प्रतिरोधत क्षमता को मजबूत बनाता है
•नींद को बेहतर बनाता है
•जोड़ो के दर्द में फायदेमंद है
•सभी तरह के कैमिकल्स से मुक्त है
•बनने के बाद 24 महीनों तक रखा जा सकता है

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पंतजलि अश्वगंधा पाऊडर

हमें आपको पतंजलि के बारे में ज्यादा बताने की जरूरत नही है क्योकि कभी ना कभी आपने पंतजलि के ब्रांड के बारे में जरूर सुना होगा । ये भारत का सबसे प्रसिध्द आयुर्वोदिक ब्रांड है जिसके सभी प्रोडक्ट अच्छी क्वालिटि के होते हैं । इन्ही के द्वारा पतंजलि अश्वगंधा चूर्ण बनाया गया है जोकि पुरी तरह आयुर्वेदिक तौर-तरीकों पर बनाया गया है ।

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•एक बड़ी और विश्विनीय ब्रांड के द्वारा बनाया गया है
•आयुर्वेदिक तौर-तरीकों के आधार पर बनाया गया है
•बनने के बाद 24 महीने तक रखा जा सकता है
• 100 प्रतिशत शुध्द आयुर्वेदिक है ।
• इससे वो सभी अश्वगंधा के गुण मौजूद हैं जिनके बारै में ऊपर बताया गया है

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इनमें सबसे अच्छा अश्वगंधा पाऊडर कौनसा है? ( Best ashwagandha powder in hindi )

तो अब तक आप समझ ही गए होगे की अश्वगंधा हमारे लिए कितना फायदेमंद है और उसके नियमित उपयोग से क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं । लेकिन इसके लिए जरूरी है की आप सही प्रोडक्ट सही और बेस्ट प्रोडक्ट चुनें हमारे अनुसार ऑर्गेनिक अश्वगंधा पाउडर सबसे बेस्ट यानी बढ़िया है क्योकि इसमें इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री समेत कई चीजों का खास ध्यान रखा जाता है ।