हाइड्रोसील का अंग्रेजी दवा टेबलेट, होम्योपैथिक मेडिसिन, आयुर्वेदिक दवा – hydrocele ki dawa ka naam

Hydrocele Ki Dawa: क्या आपको अंडकोष (testicles) के आस पास की जगह में दर्द होता है? तो हो सकता है आप हाइड्रोसील की समस्या से जूझ रहे हैं। जी हाँ, हाइड्रोसील (hydrocele) एक साफ़ द्रव्य (liquid) की थैली होती है जो अंडकोष के पास बन जाती है, हालाँकि यह हमेशा तकलीफ देने वाला नहीं होता है।

खास तौर में यह बच्चो में अधिकतर देखा जाता है लेकिन बच्चे बड़ी आसानी से इससे अपने आप ही recover हो जाते हैं बिना हाइड्रोसील की दवा (hydrocele ki dawa) के। लेकिन पुरुषों में काफी बार यह सूजन और दर्द का कारण बन जाता है, इसलिए आज हम बात करने वाले हैं हाइड्रोसील का अंग्रेजी दवा टेबलेट और हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा (hydrocele ki ayurvedic dawa).

सबसे अधिक जो लक्षण देखा जाता है वो होता है सूजन जो कभी कभी automatically ठीक हो जाती है तो कभी नासूर बन जाती है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं सूजन tablet हाइड्रोसील की अंग्रेजी दवा का नाम जिससे आपको बहुत राहत मिलेगी। तो चलिए शुरू करते हैं आज का आर्टिकल।

हाइड्रोसील क्यों और कैसे होता है ? Hydrocele causes in Hindi

जैसे की हमने पहले ही बताया हाइड्रोसील अंडकोष वाली जगह में होता है जिसका कारण चोट या किसी प्रकार का संक्रमण भी हो सकता है। लेकिन यह ज्यादातर बच्चों में देखा जाता है वो भी जन्म के साथ ही। कहने का मतलब है की Hydrocele reason अनुवांशिक भी होता है हालाँकि बच्चो में यह खुद ही सही हो जाता है बिना हाइड्रोसील के इलाज के।

Hydrocele Ki Dawa Ka Naam
Hydrocele Ki Dawa Ka Naam In Hindi

वयस्कों में भी जब यह होता है तो इसका पता नहीं चलता है और न ही यह हानिकारक होता है। लेकिन बहुत कम cases में पुरुष के अंडकोष में सूजन आ जाती है और तब हाइड्रोसील की दवा (hydrocele ki tablet) की आवश्यकता पड़ती है। हालाँकि दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

बच्चों में जब हाइड्रोसील होता है तो यह जन्म से होता है और यह 6 से 12 महीने में खुद से ठीक हो जाता है लेकिन यदि यह 12 या 18 महीने में भी ठीक नहीं होता है तो फिर इसके इलाज की जरूरत पड़ती है। इस प्रकार के हाइड्रोसील को नॉनकम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील (Noncommunicating Hydrocele) कहा जाता है।

और जब बड़े बच्चों में या युवाओं में अंडकोष की थैली बंद नहीं होती है तो तरल पदार्थ अंडकोष के अंदर चला जाता है और इसे कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील (Communicating Hydrocele) कहा जाता है। कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील को ठीक करने के लिए अंडकोष के पास छोटा सा कट लगाकर उस तरल द्रव्य को निकाला जाता है जो हाइड्रोसील का कारण होता है। इसके आलावा डॉक्टर की सलाह पर यहाँ बताई गयी hydrocele ki dawa ka naam का सेवन भी किया जा सकता है।

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हाइड्रोसील के लक्षण और मुख्य कारण – Symptoms of hydrocele

इससे पहले की हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा या Tablet के बारे में जाने, जान लेते हैं हाइड्रोसील के लक्षण क्या  हैं और कारण क्या हैं, जिससे इसे बढ़ने से पहले ही रोका जा सके। हालाँकि आप इसे बच्चों में होने से नहीं रोक सकते क्यूंकि जैसे मैंने बताया ये जन्म से ही होता है बच्चों में।

Hydrocele होने का सबसे बड़ा symptom है अंडकोष में सूजन होना और दर्द होना जैसे कि चलने फिरने में दर्द होना जब balls एक दूसरे से टच होती हैं।

  • अंडकोष में खेलते, दौड़ते वक्त चोट लगना या सूजन आना
  • यदि पुरुष को हर्निया की शिकायत हो तो हाइड्रोसील होने का खतरा होता है
  • हाइड्रोसील आनुवंशिक कारणों से भी हो सकता है
  • यौन संचारित संक्रमण होना या इससे जुड़े अन्य संक्रमण होना जैसे डीटीएस
  • प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित पुरुष में हाइड्रोसील की संभावना अधिक होती है

यदि आपको चलने में, टहलने में दर्द का अनुभव होता है तो इसकी बहुत संभावना है कि आप हेइड्रोसिल से पीड़ित हैं। इसके अन्य लक्षण हैं अंडकोष का बड़ा होना, भारीपन महसूस होना, इत्यादि।

Hydrocele Ki Dawa Ka Naam In Hindi

हाइड्रोसील के शुरुआती लक्षणों को आसानी से हाइड्रोसील में सूजन की दवा जैसे आयुर्वेदिक, अंग्रेजी दवाएं, hydrocele ki tablet, कैप्सूल इत्यादि से पहले रोका जा सकता है। इसके अलावा लहसुन से हाइड्रोसील का इलाज भी बहुत कारगर है, पुराना आर्टिकल जरूर पढ़े। हां, यदि आपको लंबे समय से जूझ रहे हैं तो डॉक्टर को दिखाएं, हो सकता है आपको ऑपरेशन की जरूरत पड़े।

हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा वृद्धिवाधिका वटी – Vriddhivadhika Hydrocele ki ayurvedic medicine

वृद्धिवाधिका वटी हाइड्रोसील की पतंजलि दवा है जो आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों जैसे सुंथि, मिर्च, त्रिफला, और लौह भस्म से बनी होती है। Vriddhivadhika हाइड्रोसील का इलाज बहुत तेज़ी से और कम समय में करती है और साथ ही यह हर्निया के इलाज के लिए बहुत कारगर दवा है। यह वात पित्त जैसे दोषों को भी दूर करता है और पुरुष के सामूहिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है।

हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा वृद्धिवाधिका वटी टैबलेट के रूप में उपलब्ध रहती है जिसकी एक समय में एक गोली (125mg to 375mg) खानी होती है। आपको इसे दिन में 2 बार लेना है: सुबह और शाम, गुनगुने पानी के साथ। हालांकि यह एक आयुर्वेदिक दवा है और इसके कोई नुकसान नहीं होते हैं फिर भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा ले।

सूजन tablet हाइड्रोसील की अंग्रेजी दवा का नाम Banocide Forte Tablet

ये तो आप जानते ही हैं की आयुर्वेदिक दवाइयों के मुकाबले अंग्रेजी दवाइयां ज्यादा तेज़ी से असर करती हैं और आपको सारे Option भी पता होना जरुरी है। इसलिए अब जान लेते हैं hydrocele ki angreji dawa ka naam जो है बैनोसाइड टेबलेट। यह हाथ पैर में सूजन के अलावा गुप्तांगों (private parts) में सूजन के लिए इस्तेमाल की जाती है।

एक बात जरूर ध्यान रखें कि सिर्फ आर्टिकल को पढ़कर दवा न मंगाएं, पहले डॉक्टर की सलाह जरुरी है वरना infection होने का खतरा भी रहता है। Banocide hydrocele ki tablet आपको दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ लेना है, ज्यादा जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें और उचित मार्गदर्शन लें।

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500 mg tablet हाइड्रोसील की अंग्रेजी दवा का नाम  – Hydrocele ki Dawa

Hydrocele 500 mg tablet 2 या 3 दर्दनिवारक टेबलेट को मिलकर बनाई जाती है जिससे हाइड्रोसील से होने वाले सूजन के दर्द को कम किया सके। यह मुख्य तौर पर Diclofenac + Paracetamol 500mg या Aceclo + Paracetamol और Ibu + Paracetamol का कॉम्बिनेशन होती है। लेकिन यह डॉक्टर द्वारा निर्धारित किया जाता है कि कब कौनसी दवा लेनी है।

इसके अलावा 500 mg tablet हाइड्रोसील की दवा अंडकोष का पानी कम करने में भी प्रयोग की जाती है। आपको एक एक गोली दिन में केवल एक ही बार खानी होती है, कृपया डॉक्टर द्वारा निर्धारित डोज़ ही लें। इसके अलावा यदि आप सूजन कम करने की हाइड्रोसील का होम्योपैथिक दवा चाहते हैं तो Furesimide 5mg ले सकते हैं।

हाइड्रोसील से बचाव के उपाय – Prevention of hydrocele in Hindi

आपने अभी तक हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा, अंग्रेजी दवा, टेबलेट और हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक होम्योपैथिक दवा के बारे में जाना। लेकिन सच तो यह है कि यदि आप थोड़ी सावधानी बरतें तो आपको कभी जिंदगी में हाइड्रोसील की समस्या होगी ही नहीं, (बच्चों को छोड़कर)।

  • अगर आपको रोजाना running की आदत है तो टाइट underwear पहनकर ही रनिंग करें (बहुत टाइट भी नहीं)
  • ऊपर बताए गए पॉइंट का ख्याल तब भी रखें जब आप खेलने या कोई भी physical एक्टिविटी पर जाते हैं। क्यूंकि इससे बॉल्स के आपस में टकराने की वजह से सूजन का खतरा रहता है और यदि पहले ही हाइड्रोसील की समस्या हो तो यह बढ़ सकती है।
  • Hard games जैसे क्रिकेट खेलते वक्त बॉल गार्ड अनिवार्य रूप से पहने, जिंदगी का सवाल है।

हाइड्रोसील का ऑपरेशन कैसे होता है – Hydrocele operation in hindi

हाइड्रोसील की समस्या ज्यादा गंभीर नहीं होती है और सामान्य तौर पर दवाई से ही ठीक हो जाता है। समय से ध्यान न देने पर और हाइड्रोसील बढ़ जाने पर ऑपरेशन की नौबत आ सकती है। इसलिए आपको पता होना चाहिए कि हाइड्रोसील का ऑपरेशन कैसे होता है।

यह ऑपरेशन बहुत ही साधारण होता है जिसमे डॉक्टर इंजेक्शन की मदद से अंडकोष में जमे द्रव को बाहर निकाल देते हैं, इस ऑपरेशन को हाइड्रोसिलोक्टोमी (Hydrocelectomy) के नाम से भी जाना जाता है। Operation पूरा होने में केवल 20-30 मिनट का समय लगता है और हाइड्रोसील ऑपरेशन में अनुमानित खर्चा ₹20,000 के लगभग रहता है।

निष्कर्ष

हाइड्रोसील गंभीर बीमारी नहीं है और न ही बहुत अधिक लोगों को यह होती है, लेकिन बीमारी से पहले सुरक्षा का ज्ञान होना जरुरी है इसलिए आज हमने जाना hydrocele ki dawa ka naam और हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा का नाम। आप चाहें तो अंग्रेजी दवाओं का सेवन भी कर सकते हैं लेकिन इससे भी ज्यादा जरुरी है खुद की सुरक्षा जैसा की हम discuss कर चुके हैं।

ध्यान रहे, बिना डॉक्टर की सलाह के यहाँ बताई गयी कोई भी दवा नहीं लेनी है। HealthyDawa किसी भी प्रकार की दवा के सेवन की सलाह नहीं देता है, हम सिर्फ आपको बेस्ट जानकारी देते हैं, दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। हेल्थ संबंधी नई जानकारियों के लिए हमारे Telegram Channel ज्वाइन करें।

 

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