ईसबगोल के फायदे, नुकसान, लाभ और उपयोग Isabgol in hindi

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ईसबगोल उन चुनिंदा आयुर्वेदिक औषधियों मे से एक है जो हमारी बिगडी जीवनशैली और लाइफस्टाइल के कारण हुई समस्याओं में राहत देती है ।

आज अधिकतर लोग योग और ध्यान से अलग हो गए हैं, हरी सब्जियों और पौष्टिक फलों के बजाय सेहत के लिए कूडे के समान जंक फूड ( Junk food ) का सेवन करने लगे है और घंटो एक ही जगह ऑफिस में बैठ कर काम करते हैं जिससे कब्ज, पाचन तंत्र से जुडी समस्या, दुर्बलता, मोटापे का बढ़ना और स्टैमिना की कमी होना एक बात हो गई ।

फिर ऐसे लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टरी इलाज की तरफ जाते हैं जहाँ अधिकतर मामले केवल उनकी समस्याओं के लक्षणों को ही दबाया जाता है ।

मगर ईसबगोल ( Isabgol in hindi ) जैसे आयुर्वेदिक उपाय समस्या की जड़ पर काम करते हैं उसे पुरी तरह खत्म करते हैं ।  ईसबगोल के फायदे ( Isabgol ke fayde ) केवल कब्ज मे ही नही होते बल्कि ये कई भयानक बिमारी में हर्बल इलाज के रूप में भी इस्तेमाल होता है ।

तो आज के इस दिलचस्प आर्टिकल में हम आपको ईसबगोल के फायदे और उपयोग ( Isabgol uses and benefits in hindi ) के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं ।

इसके साथ हम आपको इसबगोल के नुकसान, खुराक और लेने के समय के बारे मे भी बताएगे मगर इससे पहले जान लेते है की इसबगोल क्या है?

ईसबगोल क्या है ( What is isabgol / psyllium in hindi )

इसबगोल गेहूँ की तरह दिखने वाले प्लांटागो ओवाटा नाम के पौधे के बीज से तैयार किया जाता है । इस पौधो की पत्तियां तथा फूल बहुत छोटे होते हैं तथा डालिया पर बीज लगते हैं इन्ही बीजों पर सफेद कलर की परत होती जिससे इसबगोल की भूसी ( Psyllium husk ) तैयार की जाती है ।

ईसबगोल की भूसी के फायदे ( Isabgol ki bhusi ke fayde ) और इसके औषधिय गुण के कारण इसकी किमत और माँग दिनो-दिन बढ़ती ही जा रही है

मुख्य तौर पर भारत में राजस्‍थान, मध्यप्रदेश और गुजरात इसबगोल के सबसे बडे उत्पादक क्षेत्र है जहाँ से इलबगोल पडौसी देशों को भेजा जाता है ।

ईसबगोल का सेवन किस तरह करें( How to consume psyllium Husk in hindi )

ईसबगोल कि भूसी खाने के फायदे ( Isabgol ki bhusi ke fayde ) तभी मिलेगे जब आप इसको सही तरीके से खाएगे । हर समस्या के लिए इसबगोल के सेवन का तरीका अलग-अलग होता है ।

मगर आप कई तरह के ईसबगोल का सेवन कर सकते हैं जैसे:-

1:~ इसबगोल का दही के साथ मिला कर सेवन किया जा सकता हैं ।

2:~ यदि आप एसिडिटी से ज्यादा परेशान है तो भोजन के बाद ठण्डे पानी में मिलाकर इसबगोल को ले सकते हैं ।

3:~ बवासीर से पीडित लोग इसका इसका सेवन सोने से पहले पानी के साथ कर सकते हैं ।

4:~ ज्यादा मोटापे और वजन से छुटकारा पाने के लिए इसबगोल का इस्तेमाल करना चहाते हैं तो गुनगुने पानी में नींबू और इसबगोल को मिला कर डेली खाली पेट सेवन करें इससे शरीर की फालतू चर्बी कम होगी ।

5:~ खाना खाने के बाद दिन में दो बार इसबगोल को पानी के साथ लेने से दिल से जड़ी समस्याओं में काफी राहत मिलती है ।

ईसबगोल खाने का सही समय कौनसा है ( What is the right time to eat isabgol in hindi )

यदि आप कब्ज की समस्या से अधिर परेशान हैं तो रात को गर्म पानी के साथ इसबगोल को लें, इससे आपके मल की कढ़ोरता कम होगी और आसानी मल त्याग होगा ।

ईसबगोल बदन की अधिक गर्मी के होमे वाले रोगों जैसे- आंत से जुड़ी समस्याएं और कब्ज में भी राहत पहुचाता है क्योकि इसकी तसीर ठण्डी होती है ।

ईसबगोल के फायदे तथा लाभ ( Isabgol benefits in hind )

 

Isabgol ke fayde
Isabgol ke fayde

 

तो अब तक हमने आपको ईसबगोल के बारे में काफी कुछ बता दिया चलिए अब ईसबगोल भूसी के फायदे ( isabgol ke fayde in hindi ) के बारे में जानते हैं ।

पाचन तंत्र के लिए ईसबगोल के फायदे ( Psyllium benefits for Digestive health in hindi )

ईसबगोल पाचन तंत्र में सुधार करने और पाचन शक्ति बढ़ाने में काफी असरदार है ।

यह बल्क बनाने वाला लैक्सेटिव होता है । जिसका मतलब है की यह पाचन तंत्र की आँतों मे जाकर नमी को अवशोषित कर लेता है जिसके कारण मल त्याग आसानी से होता है सबसे अच्छी बात है की इससे पेट भी नही फूलता ।

कब्ज से परेशान व्यक्ति इसे कब्ज के घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल कर सकते है या आप चाहे तो आमतौर पर अपने पाचन तंत्र को ढ़ीक रखने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं ।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) और क्रोहन रोग ( Crohn’s disease ) से पीडित लोग मल त्याग से जुड़ी समस्याओं के बारे में अच्छे से जानते होगे ।

अगर ऐसे लोग ईसबगोल का इस्तेमाल करें तो उन्हे कुछ हद तक आराम मिल सकता है । खैर इन समस्याओं तथा ईसबगोल के सम्बन्ध में हुए वैज्ञानिक अध्ययनो के परिणाम मिले-जुले हैं ।

असल में ईसबगोल एक प्रीबायोटिक है जोकि आंतो में अच्छे बैक्टेरिया की मात्रा को बढ़ा कर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है ।

आंतो में अच्छे बैक्टेरिया की संख्या बढ़ने से इम्यून फंक्शन बेहतर बनता है जिससे शरीर संक्रणण और सूजन से बेहतर तरीके से लड़ पाता है । और शरीर की कोशिका एंव ऊतक भी स्वस्थ रहते है ।

ईसबगोल बुरे कॉलेस्ट्रोल को कम करता है ( Psyllium Husk benefits for cholesterol in hindi )

ईलबगोस वसा और पित्त एसिड को बांधता है जिसके कारण शरीर उन्हें उगलने लगता है। इन खोए हुए पित्त एसिड की जगह की प्रक्रिया में, जिगर अधिक कोलेस्ट्रॉल का उपयोग करता है। नतीजतन, रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है

एक स्टाडी में 47 स्वस्थ व्यक्तियों नें 6 ग्राम ईसबगोल को 6 हफ्तों तक लिया जिसके बाद उनका LDL cholesterol ( बुरा कॉलेसस्ट्रॉल ) 6 प्रतिशत तक कम हो गया ।

इसके अलावा ईसबगोल से केवल बुरा कॉलेस्ट्रोल ही कम नही होता बल्कि अच्छा कॉलेस्ट्रोल भी बढ़ता है ।

एक अध्ययन में 49 लोगो ने जो टाइप 2 मधुमेह से पीडित थे 5.1 ग्राम ईसबगोल का सेवन 8 हफ्तों तक किया जिसके बाद उनका बुरा कॉलेस्ट्रोल कम हो गया और अच्छा कॉलेस्ट्रोल भी स्वस्थ मात्रा में बढ़ गया ।

ईसबगोल के फायदे दिल के लिए ( Psyllium benefits for heart in hindi )

कई वैज्ञानिक रीसर्चो से पता चला है की घुलनशील फाइबर लेने से कॉलेस्ट्रोल के लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है । कॉलेस्ट्रोल के लेवल का नियंत्रित रहना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है मगर यह 50 साल से ऊपर के लोगो के बेहद जरूरी है ।

एक स्टाडी में पता चलता है की 6 हफ्तों तक ईसबगोल को लेने से अधिक मोटे लोगो में कॉलेस्ट्रोल का लेवल कम होता है ।

तो अगर आपको अपने कॉलेस्ट्रोल के लेवल को कम करना है तो आप अपने डॉक्टर से पूछ सकते हैं की ईसबगोल को लॉ फैट या लॉ कोलेस्ट्रोल वाली डाइट के रूप में लेना ढ़ीक रहेगा या नही ।

कुछ अध्ययन बताते है की ईसबगोल जैसे फाइबर से भरपूर खाद पदार्थों को डाइट में शामिल करने से दिल की सेहत को काफी फायदा पहुचता है क्योकि ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है, लिपिड स्तर में सुधार करता है और दिल की मांसपेशियों को मजबूत करता है ।

मधुमेह में फायदेमंद ईसबगोल ( Psyllium benefits for Debeties in hindi )

ईसबगोल मधुमेह की बिमारी में काफी लाभदायक हो सकता है । क्योकि फाइबर के सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से ग्लिसेमिक प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है क्योकि ये ब्लड शुगर के लेवल एंव इंसुलिन के लेवल को कम करने में मदद करता है ।

इस स्थिति में ईसबगोल जलीय फाइबर का अच्छा स्त्रोत है जोकि इस हालत में अधिक फायदेमंद है ।

इस समस्या में ईसबगोल फाइबर के किसी भी रूप से सबसे ज्यादा असरदार और लाभकारी है क्योकि ईसबगोल एक जैल रूपी फाइबर होता है जिससे पाचन की क्रिया धीमी हो जाती है जिससे ब्लड शुगर को विनियमित करने में मदद मिलती है ।

एक अध्ययन में 51 लोगो ने जो टाइप 2 मधुमेह और कब्ज से परेशान थे 10 ग्राम ईसबगोल को दिन में दो बार लिया जिसके बाद उनका कब्ज, कोलेस्ट्रोल, मोटापा और ब्लड शुगर काफी कम हो गया था ।

ईसबगोल पाचन की क्रिया को धीमा कर देता है इसलिए यदि मधुमेह से पीडित लोग इसको भोजन के साथ लेगे तो उन्हे और फायदा होगा ।

अगर आप अपने ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करना चहाते हैं तो डेली 10.2 ग्राम ईसबगोल का सेवन कर सकते हैं ।

वजन घटाने में मददगार है ईसबगोल ( Psyllium benefits for Weight loss in hindi )

जो लोग अपने लगातार बढ़ रहे थुल-थुले पेट और मोटापे से परेशान है उन्हे एक बार ईसबगोल का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए । इसमें मौजूद तत्व भूख को कम करते हैं और शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी को भी कम करते हैं ।

ईसबगोल का सेवन करने से पेट लम्बे समय तक खाली नही होता क्योकि यह पाचन की क्रिया को धीमा कर देता है और बेताहाशा भूख को भी शांत करता है जिससे आपकी कैलोरीस लेने की दर कम होती है और वजन अपने आप कम होने लगता है ।

मेडिकल न्यूज टू डे डॉट कॉम के अनुसार एक अध्ययन में पता चला की प्रतिदिन 10.2 ग्राम ईसबगोल को नाश्ते एंव दोपहर के खाने से पहले लेने से भूख काफी कम हो जाती है और खाने की इच्छा में भी कमी आती है । साथ ही इससे नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच पेट भरा रहता है ।

मेडिकल न्यूज टू डे डॉट कॉम में ही 2011 के एक अन्य पुराने अध्ययन से बारे में बताया गया है जिसमें

पता चला की ईसबगोल का सप्लीमेंट या ईसबगोल के सप्लीमेंट को फाइबर से भरपूर डाइट के साथ लेने पर

वजन में कमी, बॉडी मास इंडेक्स और शरीर में वसा के प्रतिशत में उल्लेखनीय कमी आई ।

खैर अभी तक जितने वैज्ञानिक स्टाडी हुई है उनमे से अधिकतर ईसबगोल के वजन घटाने के गुण को बताती है मगर इस विषय पर अभी भी और वैज्ञानिक खोज-बीन की जरूरत है ।

कब्ज को दूप करता है ईसबगोल कब्ज ( Psyllium benefits for constipation in hindi )

ईसबगोल भूसी के फायदे ( Isabgol bhusi ke fayde ) में सबसे बड़ा फायदा ये भी है की इससे कब्ज में काफी आराम मिलता है ।

ईसबगोल बल्क रूपी लैक्सेटिव है जो मल के आकार को बढ़ा कर कब्ज में आराम पहुचाता है ।

शुरूआत में, ईसबगोल आंशिक रूप से पचने वाले भोजन से बंध कर काम करता है जो पेट से छोटी आंत में गुजर रहा होता है ।

यह तब पानी के अवशोषण में मदद करता है, जो मल के आकार और नमी को बढ़ाता है। जिसके कारण मल का आकार बढ़ा होता है और जोकि आसानी से गुजर जाता है ।

एख अध्ययन में पाया गया की घुलनशील फाइबर जैसे- ईसबगोल चोकर की तुलना में ज्यादा असरदार है ।

एक 170 लोगो के अध्ययन में पाया गया की 5.1 ग्रान ईसबगोल का 2 हफ्तों तक सेवन करने से मल की नमी और वजन बढ़ता है जिससे मल त्याग आसानी से होता है ।

अगर आप इसबगोल का इस्तेमाल कब्ज को ढ़ीक करने के लिए करना चहाते है तो आप ईसबगोल के सप्लीमेंट इस्तेमाल कर सकते हैं । आप इन सप्लीमेंट्स को Amazon से सस्ते दमों पर खरीद सकते हैं ।

दस्त दूर करने में असरदार ईसबगोल ( Psyllium benefits for diarrhea in hindi )

ईसबगोल दस्त की समस्या दूर करने में भी उपयोगी है क्योकि इसमें नमी को अवशोषित करने के गुण होते हैं जिसकी वजह से यह मल की मोटाई बढ़ा सकता है और बृहदान्त्र में मल का मार्ग धीमा हो सकता है ।

हलाकि ईसबगोल दस्त और कब्ज दोनो ही समस्याओं में काम आता है । क्योकि यह मल त्याग को सामान्य करने में मदद करता है ।

ईसबगोल को कहाँ से खरीदे और ये किन रूपों में उपलब्ध है ( Where to buy isabgol and in what forms are these available in hindi )

आप इसबगोल को किसी भी आयुर्वोदिक मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं वहाँ ये आपको टेबलेट, और कैप्सूल के रूप में मिल जाएगी या सबसे आसान है की आप ईसबगोल का पाऊडर बाजार से खरीद लें ।

मगर आपको ईसबगोल के फायदे तभी मिलेगे जब वो शुध्द हो इसलिए बाजार से खरीदते समय ईसबगोल की क्लालिटि को जरूर चेक कर लें । हम आपको सलाह देगे की आप Amazon से ईसबगोल का कोई

अच्छा प्रोडक्ट खरीद लें उसमें आपको शुध्द ईसबगोल मिल जाएगा ।

आपकी सुविधा के लिए हमने नीचे कुछ सबसे प्रोडक्ट के लिंक दे दिये है आप नीचे लाल लिंक पर क्लिक कर के इन्हे Amazon से सस्ते दमों पर खरीद सकते हैं ।

ईसबगोल की खुराक कितनी होनी चाहिए ( What should be the dose of isabgol in hindi )

ईसबगोल की खुराक की खुराक इस बात पर निर्भर करती है की आप कौनसा प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे हैं और किस समस्या के लिए ईसबगोल को उपयोग में ले रहे हैं । वैसे आप आमतौर पर ईसबगोल को दिन में 3 बार एक ग्लास पानी के साथ ले सकते हैं ।

इसके अलावा जब भी आप किसी ईसबगोल के प्रोडक्ट को खरीदें तो इसके साथ आने वाले गाइड या प्रोडक्ट के लेवर पर दी गई ईसबगोल की सेवन की मात्रा जरूर चेक कर लें और कभी भी प्रोडक्ट के ऊपर दी गई मात्रा से अधिक ईसबगोल का इस्तेमाल ना करें

ईसबगोल के नुकसान ( Side effects of Psyllium husk in hindi )

खैर ईसबगोल के कोई बडे भयानक या घतरनाक नुकसान ( Side effects ) तो नही है मगर आपको फिर भी इस का सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए और कभी भी इसको गलत तरीके और अधिक मात्रा में लेने से बचना चाहिए ।

ईसबगोल आंतो मे बल्क का को बनाता है और इसमें लैक्सेटिव गुण होते हैं जिसके कई विपरित प्रभाव भी हो सकते हैं इसलिए ईसबगोल को सही मात्रा में लेना चाहिए ।

अगर ईसबगोल को मात्रा से अधिक या गलत तरीके से लिया जाए तो निम्नलिखित Side effects हो सकते हैं ।

* पेट में दर्द और तेज ऐंठन का होना

* दस्त का होना

* गैस की दिक्कत का होना

* लूस स्टूल ( loose stools ) होना

* जल्दी-जल्दी मल आना

* मतली और उल्टी आना

* पेट दर्द होना

अगर आपको ईसबगोल लेने पर एलर्जी जैसे प्रभाव दिख रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर को इस बारे में बताए । ईसबगोल से होने वाले एलर्जी प्रभाव निम्नलिखित हैं:-

* साँस की तकलीफें

* खुजली का उठना

* त्वचा के चकत्तों का होना

* सूजन, विशेष रूप से चेहरे और गले के आसपास

* उल्टी आना


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