नीम के फायदे, लाभ, गुण, नुकसान और उपयोग

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नीम एक प्रकार का औषधिय पौधा होता है जो उत्तरी भारत के लगभग हर हिस्से में देखनो को मिलता है । ये पौधा इतना गुणवान और असरदार है की इसकी पत्तियों से लेकर जड़ो तक सभी को दवा और औषधि बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है ।

नीम वैसै स्वाद में कढ़वा होता है मगर नीम के फायदे ( Neem ke fayde ) बहुत मीठे होते हैं । नीम का प्रयोग पिछले 4 हजार सालों से आयुर्वेद और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों में होता आया है ।

नीम के द्वारा कई प्रकार की चीजें बनाई जाती है जैसे- नीम का तेल, नीम का लोशन, नीम की क्रीम, नीम का पाऊडर, नीम के सप्लीमेंट और नीम का जूस ।

मगर इन सभी प्रोडक्ट के उपयोग और असर अलग-अलग होते हैं जैसे नीम के तेल के फायदे ( Neem ke tel ke fayde ) और नीम की पत्ति के फायदे अलग प्रकार के होगे ।

आपके लिए नीम कढ़वा हो सकता है मगर कुछ लोगो के लिए इसका स्वाद चॉकलेट से कम नही होता, म्यांमार में तो नीम का उपयोद सलाद में भी किया जाता है ।

नीम का प्रयोग मुख्य तौर पर स्किन से जुडी समस्याओं जैसे- घाव, जलन, एक्ने, और मुंहासों में किया जाता है । मगर इसके अलावा भी नीम को कुष्‍ठ रोग, आँखों से जुडी समस्याओं ( Eye problems ), अल्सर, डायबिटीज, खराब पेट, पेट के कीड़े और बुखार में भी किया जाता है ।

तो अब हम आपका ज्यादा समय नही लेगे मगर इससे पहले हम आपको नीम के फायदे ( Benefits of neem in hindi ) के बारे में बताए चलिए नीम के पेड ( Neem Ka Ped ) पेड के बारे में थोडी जानकाही इकट्ठा कर लेते हैं ।

नीम का पेड क्या है ( What is neem in hindi )

नीम भारत में पाया जाने वाला एक पतझड़ वृक्ष है जोकि 75 फीट तक लंबा हो सकता है मगर अधिकतर मामलों में नीम का पेड ( Neem ka Ped ) 50-65 फुट से ज्यादा नही बढ़ता है ।

इस पेड का तना चौडा और छोटा होता है तथा इसकी शाखाएं काफी फैली हुई होती हैं । इसकी जो छाल होती है वो बहुत कढ़ोर होती है जिसमें दरारें होती है कई बार इन दरारों से भूरे रंग का गोंद भी निककलता है ।

नीम की पत्ति ( Neem leaves ) गहरे हरे रंग की होती हैं और नीम के फूल सफेद रंग के होते हैं जिनमें हल्की खुशबू भी आती है । नीम के फल को निबौली के नाम से जाना जाता है जोकि पकने के बाद पीले रंग का हो जाता है । निबौली की छाल बहुत पतली होती है और ये मीठी एंव हल्की कठवी होती है ।

नीम के पेड वानस्‍पतिक नाम एजाडिरेक्टा इण्डिका ( Azadirachta indica ) होता है जोकि आमतौर पर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों पैदा होते है । नीम का पेड मुख्य रूप से भारत में पाया जाता है मगर नेपाल, पाकिस्‍तान, मालदीव, और बांग्‍लादेश में भी इनको देखा जाता है । नीम मेलियेसी कुल से आता है ।

आपको जानकर हैरानी होगी की नीम के पेड का कोई भी भाग बेकार नही जाता, इसकी पत्ती, जड़, तना, छाल, गोंद, फल, बीज, फूल और यहाँ तक की लकडी भी उपयोगी होती है ।

नीम के अलग-अलग नाम विभिन्न भाषाओं में

क्योकि नीम का पेड दुनिया के कई देशों में पैदा होता है और हमारे देश में भी इसकी अच्छी-खासी मांग है इसलिए आपको नीम के अलग-अलग जगह विभिन्न प्रकार के नाम सुननों को मिलेगे जैसै-

अरबी में मरगोसा, गणवाली में बेटैन, तेलगू में वेमू (Vemu), नेपाली में नीम, कन्नड में बेवू (Bevu)

अउरिया में नीमो, बंगाली में निमगाछ (Nimgachh), गुजराती में कोहुम्बा, तमिल में वेप्पु (Veppu), मराठी में बलन्तनिंब, पंजाबी में निप, अंग्रजी में मार्गोसा ट्री (Margosa tree), और संस्कृत में अग्निधमन, निम्ब या पीतसारक भी कहते हैं ।

नीम के फायदे और लाभ ( Neem ke fayde in hindi )

Aloe vera ke fayde
Aloe vera ke fayde
Neem ke fayde
Neem ke fayde

नीम बालों से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी ( Neem benefits for hair in hindi )

नीम का इस्तेमाल बांलो के लिए काफी फायदेमंद रहता है जिसके उपयोग से बालों से जुडी कई तरह की समस्याओं में राहत मिलती है । बाल झड़ने से लेकर असमय बाल पकने तक में नीम काफी अच्छा माना जाता है ।

नीम में एंटी-फंगल औस एंटी-बैक्टेरियल गुण मौजूद होते हैं जिससे नीम रूसी ( Dandruff ) में राहच देता है । कुछ लोग नीम के पानी के फायदे ( neem ke pani ke fayde ) पूछतें है ऐसे लोगों को हम नीम के पानी से सर धोने की सलाह देते हैं क्योकि नीम का पानी कई प्रकार की बालों की समस्याओं को दूर करता है साथ ही खोपडी की त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है ।

नीम के इस्तेमाल से सर के सूखेपन और खुजली में भी राहत मिलती है । इसके अलावा अगर आप नीम के शैम्पू से हफ्ते में दो बार अपने सर को धोते हैं तो इससे सर की जूँ खत्म हो जाती है और खोपडी पर होने वाली जलन तथा खुजली भी दूर होती है ।

नीम का इस्तेमास त्वचा के लिए ( Neem ke fayde for skin in hindi )

नीम के फायदे त्वचा के लिए ( Neem benefits for skin in hindi ) बहुत है क्योकि इसमें एंटी-वायरस, रोगाणुरोधक और एंटी-बैक्टेरियल गुण होते हैं जिससे पिम्पल, एक्जिमा, चकक्ते और सोरायसिस में बहुत आराम मिलता है ।

नीम को इस्तेमाल करने से त्वचा के घाव जल्दी ढ़ीक होते है और ये त्वचा को कई प्रकार के संक्रमणों से भी बचाता है । इसमे पाये जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा को खराब वातावरण से त्वचा की रक्षा करते हैं । इसके साथ ही नीम त्वचा पर उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झाइयां एंव झुर्रियां को भी खत्म करता है ।

यदि आप त्वचा की किसी भी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप नीम का पेस्ट बना कर इससे छुटकारा पा सकते हैं आपको केवल नीम के पेस्ट को अपनी प्रभावित त्वचा पर लगाना है और उसे तब तक लगे रहने देना है जब तक वो सूख ना जाए सूखने के बाद उसे ताजे ताजे तथा ठण्डे पानी से धो लें ।

त्वचा को अधिक लचीला और जानदार बनाने के लिए आप नीम के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है ।

खून को साफ करने में नीम का उपयोग ( Neem benefits for blood Purification in Hindi )

नीम की पत्ती खाने के फायदे ( Neem leaves benefits in hindi ) बहुत सारे हैं जिनमे सबसे बडा फायदा खून का साफ होना यानी blood Purification है । क्योकि नीम एक प्रकार से रक्त शोधक और विषहरण की तरह भी काम करता है जिससे शरीर के विषैले पदार्थ बहार चले जाते हैं ।

इसके साथ ही नीम का पत्ते खाने का फायदा ( neem ke patte ka fayda ) ये भी होता है की इससे शरीर के सभी स्थानो तक ऑक्सीजन पहुचाने में मदद मिलती है त्वचा से जुडी समस्याओं ( Skin problems ) में भी राहत मिलती है ।

नीम खाने के फायदे ( Neem khane ke fayde ) एक ये भी है की इससे गुर्दे और जिगर की प्रक्रिया में सुधार होता है इसके साथ ही पाचन और मूत्र प्रणाली में भी काफी सुधार होता है । अगर आप कुछ हफ्ते 2-3 नीम के पत्तों को शहद के साथ खाएगे तो आपको खुद के अंदर बहुत फर्क महसूस होगा ।

आप चाहें तो नीम की चाय या नीम का कैप्सूल भी उपयोग में ले सकते हैं मगर ध्यान रहे की नीम का कैप्सूल इस्तेमाल करने से अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें ।

नीम का इस्तेमाल दाँतों को स्वस्थ रखने के लिए ( Neem benefits for mouth and teeth health in hindi )

नीम मुँह और दाँतों के स्वस्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । नीम में एंटी-बैक्टेरियल ( Antibacterial ) गुण होते हैं जो दाँतों को गुहाओं, दाँत के कीडे और मसूडों में सूजन जैसी समस्याओं से बचाता है ।

नीम का इस्तेमाल करने से मुँह की बदबू और मुँह के छालों की समस्या में भी राहत मिलती है ।

अगर आप नीम के द्वारा अपने दाँतो एंव मसूडों को स्वस्थ रखना चहाते हैं तो सबसे पहले नीम की पत्तियों का रस निकालिये और उसे दाँतों तथा मसूडों पर थोड़ा रगड-रगड के लगाईये और कुछ समय के लिए ऐसे ही रहने दिजिए इसके बाद गर्म पानी से कुल्ला कर लिजिए

आप नीम की लकड़ी का दातून बना कर भी उसे इस्तेमाल में ले सकते हैं इसके अलावा नीम का टूथपेस्ट और माउथवॉश भी अच्छा रहता है ।

नीम का उपयोग गठिया रोग में ( Neem Benefits for Arthritis in Hindi )

कुछ लोग हमसे नीम तेल के फायदे ( neem oil benefits in hindi ) पूछते हैं क्योकि उन्हे पता नही होता की नीम में सूजन और दर्द कम करने के गुण मौजूद होते हैं । नीम को ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटी गठिया के हर्बल इलाज के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है ।

नीम का तेल बहुत गुणकारी होता है जिससे घुटनो एंव जोड़ो पर होने वाली सूजन कम होती है तथा कई प्रकार के गठियों में भी राहत पहुचती है ।

यदि आप गठिया या जोड़ो के दर्द से ज्यादा परेशान है तो एक कप पानी में नीम के पत्ते ऊबाल कर एक महीने तक उसका सेवन कर सकते हैं इससे आपको दर्द एंव सूजन में राहत मिलेगी ।

मधुमेह में नीम है कारगर ( Neem Benefits for Diabetes in Hindi )

कई स्टाडी और अध्ययन के अनुसार नीम का जूस मधुमेह में फायदा करता है क्योकि इसमें कई प्रकार के ऐसे यौगिक होते हैं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करते हैं । नीम के जूस के फायदे ( neem juice benefits in hindi ) में सबसे बडा फायदा ये भी है की इससे मधुमेह को कंट्रोल करने में मदद मिलती है ।

इसके साथ ही नीम की गोलियां भी मधुमेह के उपचार में मदद करती है मगर इस तरह की गोलियों को बिना डॉक्टर की सलाह के कभी नही लेना चाहिए ।

पेट के कीडे खत्म करने में नीम का इस्तेमाल ( Neem Benefits for Intestinal Worms in Hindi )

नीम में एंटी-बैक्टेरियल गुण होते हैं साथ ही ये परजीवों को भी खत्म करता है तथा उन्हे बडने से भी रोकता है । यह औषधिय पौधा शरीर से विषैले

एंव बेकार पदार्थों को भी बहार निकलता है जिससे पेट के कीडे ( Intestinal Worms ) भी खत्म होते हैं । यदि आप पेट के कीडों से परेशान है तो डेली नीम के पत्ते चबाईये ।

ऊपर बताए गए फायदों के अलावा नीम का इस्तेमाल कान का बहना, नकसीर, आँखोंं के रोगों, टीबी, दमा रोग, एसिडिटी, पेट दर्द, दस्त, उलटी, बवासीर, पीलिया, पथरी, औप प्रदर रोग मे भी राहत देता है ।


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