पथरी का इलाज, दवा और उपाय Kidney stone in hindi

हैलो दोस्तों हमेशा की तरह एक बार फिर स्वागत है आपका एक नए दिलचस्प हैल्थ से रीलेटेड आर्टिकल में, इस आर्टिकल में हम आपको एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बता रहे हैं जो काफी दर्दनाक हो सकती है । जी हाँ ! जैसा की आपको टाइटल से पता चल गया होगा, हम यहाँ पथरी का इलाज ( Pathri ka ilaj ) और पथरी की दवा ( Pathri ki dawa ) के बारे में बता रहे हैं ।

इस लेख में हम केवल गुर्दे की पथरी ( gurde me pathri ) के इलाज और पथरी के घरेलू उपाय के बारे में बता रहे हैं । वैसे तो पथरी होने से तुरंत मौत नही होती मगर ये स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक साबित हो सकती है । कई बार पथरी गुर्दे से मुत्र मार्ग में अटक जाती है जिससे मुत्र रूकने के कारण शरीर में इंफेक्शन हो जाता है ।

इसके अलावा ये बहुत दर्दनाक अवस्था भी होती है कुछ लोगो को तो चौबीस घंटे गुर्दे में दर्द ( pathri ka dard ) रहता है जिसके कारण उनकी सामान्य जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होती है और उनका आम जीवन भी तकलीफदह हो जाता है ।

कुछ लोग इस असहनीय दर्द से तंग आकार सर्जरी या ऑपरेशन करवाते हैं जबकि कुछ लोग पथरी का आयुर्वेदिक ईलाज ( pathri ka ayurvedic ilaj ) और पथरी का होम्योपैथिक इलाज करवाते हैं

तीसरे वो लोग होते हैं जो ऑपरेशन एंव लम्बे ईलाज से घबराते हैं । इसलिए वो पथरी की दवाई ( Pathri ki dawai ) का इस्तेमाल कर के बिना तकलीफ के अपनी पथरी से छुटकारा पाते हैं ।

इस लेख में हम आपको तीसरे लेख के बारे में ही बता रहे हैं यानी हम इस आर्टिकल में पथरी की दवा ( Pathri ki dava ) के बारे में बता रहे हैं । साथ में आपको पथरे के घरेलू नुश्खे भी बता रहे हैं जिससे पथरी बिना तकलीफ के धीरे-धीरे गुर्दे से खुद बहार आ जाएगी ।

तो आपका ज्यादा समय ना लेते हुए आर्टिकल को शुरू करते हैं मगर इससे पहसे जान लेते हैं की पथरी क्या है ( What is kidney stone in hindi ) 

पथरी क्या है ( Kidney stone in hindi )

Pathri ka ilaj
Pathri ka ilaj

गुर्दे की पथरी जिसे आमतौर पर किडनी स्टोन कहा जाता है ये एक छोटी, कठोर खनिजों और एसिड लवणों की कढ़ोर एंव कढ़ी जमावट की तरह होती है । किडनी मूत्र मार्ग से गुजरने पर दर्दनाक हो सकती हैं, लेकिन आमतौर पर इससे ज्यादा नुकसान नहीं होता

पथरी मूत्र पथ में आने वाले किसी भी भाग में विकसित हो सकती हैं जिसमें गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग ( urethra ) आते हैं

गुर्दे की पथरी सबसे दर्दनाक चिकित्सा स्थितियों में से एक है और ये दर्द तथा तकलीफ पथरी के प्रकार पर निर्भर करती है इसलिए चलिए पथरी के प्रकार ( Types of kidney stones ) के बारे में जानते हैं।

गुर्दे की पथरी कितने प्रकार की होती है  ( Types of kidney stones in hindi )

सभी तरह के किडनी स्टोन एक ही क्रिस्टल से नही बनते और जहाँ तक किडनी  स्टोन के प्रकार की बात है तो गुर्दे की पथरी निम्नलिखित प्रकार की होती है ।

 सिस्टीन ( Cystine )

सिस्टीन स्टोन बहुत ही दुर्लभ प्रकार की गुर्दे की पथरी हैं। ये पथरी अक्सर उन ही पुरुषों और महिलाओं को  होती हैं जिनको आनुवंशिक विकार सिस्टिनुरिया होता है।

कैल्शियम ( Calcium )

ज्यादातर लोगों को मुख्य तौर पर कैल्शियम स्टोन पथरी ही होती है । कैल्शियम स्टोन पथरी अक्सर कैल्शियम ऑक्सालेट से बनी होती हैं (हालांकि वे कैल्शियम फॉस्फेट या मैलेट से मिलकर बन सकती हैं)।

भले ही कुछ गुर्दे की पथरी कैल्शियम से बनी होती मगर अच्छी मात्रा में कैल्शियम लेने  से पथरी को बनने से रोका जा सकता है । इसके लिए आप चॉकलेट,  चुकंदर, आलू के चिप्स, मूंगफली और पालक भी ले सकते हैं ।

स्ट्रूवाइट ( Struvite )

स्ट्रूवाइट स्टोन ( Struvite Stone ) पथरी ज्यादातर महिलाओं में मूत्र पथ के इंफेक्शन (यूटीआई) के कारण होती है। ये किडनी की पत्थरी धीरे-धीरे बहुत बड़ी हो सकती हैं और मूत्र का अवरोध भी कर सकती हैं । ये अक्सर गुर्दे के संक्रमण के परिणामस्वरूप होती हैं।  अंतर्निहित इंफेक्शन का का उपचार करने से स्ट्रुवाइट स्टोन की ग्रोथ को रोका जा सकता है।

यूरिक एसिड ( Uric Acid )

यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone) आमतौर पर महिलाओं की तुलना पुरूषों को ज्यादा होती है । ये पथरी गाउट वाले लोगों में या फिर कीमोथेरेपी से गुजर चुके लोगों में ज्यादातर होती है ।

इस तरह की पथरी तब होती है जब मूत्र बहुत ज्यादा एसिडिक हो जाता है। प्यूरिन से युक्त आहार लेने से मूत्र का एसिडिक लेवल बढ़ जाता है। प्यूरीन एक बेरंग पदार्थ होता है जो मुख्यतौर पर ऐनिमल प्रोटीन ( Animal protein ) जैसे मछली और मांस में पाया जाता है ।

गुर्दे की पथरी के लक्षण क्या-क्या है ( Kidney Stone Symptoms in Hindi )

गुर्दे की पथरी होने का मुख्य लक्षण गुर्दों में दर्द का होना है लेकिन कुछ गुर्दे की पथरी बहुत छोटी होती है जिसमें शायद दर्द महसूस ही ना हो इसलिए यहाँ पर गुर्दे की पथरी के लक्षणों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं ।

* पीठ, पेट, या बाजू में दर्द:~ गुर्दे की पथरी का दर्द जिसे वृक्क शूल के रूप में भी जाना जाता है सबसे गंभीर प्रकार के दर्दों में से एक है । कुछ लोग जिन्हे गुर्दे की पथरी का हैं, वे पथरी के दर्द की तुलना बच्चे को जन्म देने के दौरान होने वाले दर्द या चाकू के द्वारा हुए हमले से होने वाले दर्द से करते हैं ।

आमतौर पर दर्द तब शुरू होता है जब एक पथरी बहुत पतली मूत्रवाहिनी में चली जाती है। इससे रुकावट पैदा होती है, जिससे गुर्दे में दबाव बनना शुरू हो जाता है।

गुर्दे की पथरी का दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है। जब भी पथरी थोडी बहुत भी एक जगह से दूसरी जगह हिलती-डुलती है, दर्द का स्थान और तीव्रता बदल जाती है।

दर्द अक्सर लहरों की तरह आता है और चला जाता है, मूत्रवाहिनी सूकोडने से दर्द और अधिक बढ़ सकता है । क्योंकि मूत्रवाहिनी पत्थर को बाहर धकेलने की कोशिश करती हैं। पथरी का दर्द कुछ मिनट तक रहता है, गायब हो जाता है और फिर वापस आ जाता है।

इसके अलावा हो सकता है की आपको पसलियों के नीचे और बगल में भी दर्द महसूस हो। यह आपके पेट और कमर क्षेत्र को विकीर्ण कर सकता है क्योंकि पत्थर आपके मूत्र मार्ग से नीचे की ओर जाने की कोशिश करता है

बड़ी किडनी स्टोन छोटे के बजाय अधिक दर्दनाक हो सकती हैं, लेकिन दर्द की तीव्रता जरूरी नहीं कि पत्थर के आकार पर ही निर्भर हो कई बार छोटी पथरी बई तेज दर्द दे सकती है ।

* पेशाब के दौरान तेज जलन या दर्द होना:~ जब किडनी स्टोन यानी पथरी मूत्रवाहिनी और मूत्राशय के बीच पहुंचती है, तो तब पेशाब करते समय दर्द महसूस होने लगता है डॉक्टर इस स्थिति को डिसुरिया कहते हैं ।

इस अवस्था में दर्द काफी तेज हो सकता है कई बार  जिन लोगो को पता नही होता की उन्हे गुर्दे की पथरी है वो इस जलन और दर्द को मूत्र पथ का संक्रमण ( urinary tract infection ) समझने की भूल कर बैठते हैं । लेकिन हाँ, कई बार संक्रमण और पथरी दोनो भी हो सकते हैं ।

* बार-बार पेशाब आना:~ बार-बार पेशाब को जाना गुर्दे की पथरी का एक और लक्षण है इसका मतलब ये है की पथरी मूत्र पथ के निचले हिस्से में चली गई है । जल्दी-जल्दी पेशाब आना मूत्र पथ के संक्रमण का भी लक्षण है ।

* पेशाब में खून का आना:~ पेशाब करते समय खून का आना वैसे कई घतारनाक बिमारीयों का सकेंत है मगर ये गुर्दो की पथरी का भी लक्षण है । इस लक्षण को डॉक्टर हेमट्यूरिया कहते हैं ।

पेशाब के समय आने वाले खून का रंग लाल, गुलाबी या भूरा भी हो सकता है। कभी-कभी खून की कोशिकाएं बहुत छोटी होती है जिनको बिना सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोपिक हेमट्यूरिया) के देखना मुश्किल होता है । मगर इस तरह का लक्षण होने पर डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट लिख सकता है ।

* बदबूदार और झागदार पेशाब आना:~ हैल्थी यूरिन ( Healthy urine ) साफ होता है और इसमें ज्यादा तेज गंध भी नही होती, बदबूदार या झागदार वाला पेशाब गुर्दे या आपके मूत्र पथ के किसी भाग में इंफेक्शन की निशानी एंव सकेंत होता है।

हैल्थलाइन डॉट कॉम के अनुसार एक स्टाडी में पता चला कि गुर्दे की पथरी वाले लगभग 8 प्रतिशत लोगों में मूत्र पथ का संक्रमण होता है ।

झागदार पेशाब का आना पेशाब में पस या पायरिया ( pyuria ) का कारण है। इसके अलावा पेशाब में गंध बैक्टीरिया से भी आ सकती है जो मूत्र पथ के इंफेक्शन का कारण है। तेद गंध पेशाब के सामान्य से अधिक केंद्रित होने से भी आ सकती है ।

* पेशाब का कम आना:~ अगर गुर्दे में बडी पथरी हो तो ये मूत्रवाहिनी में अटक सकती है । जिससे पेशाब का प्रवाह धीमा हो सकता है या पुरी तरह रूक भी सकता है । जिसके कारण आप जब पेशाब के लिए जाते हैं तो नॉर्मल से कम ही पेशाब कर पाते है । अगर पेशाब आना पुरी तरह बंद हो जाता है तो ये एक मेडिकल Emergency है ।

* मतली और उल्टी का आना:~ किडनी स्टोन होने पर मतली और उल्टी का आना बहुत ही सामान्य बात है । गुर्दे में पथरी होने से जीआई पथ ट्रिगर हो सकता है । जिससे पेट से जुडी दिक्कत हो सकती है ।

तेज दर्द की प्रक्रिया के रूप में भी शरीर मतली और उल्टी को ट्रिगर करता है जोकि किडनी के दर्द के कारण होती है ।

क्या हैं पथरी के कारण ( Causes of Kidney Stone in Hindi )

ज्यादातर मामलों में पथरी का एक ही कारण नही होता इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे-

* पानी की कमी:~ आपका शरीर पेशाब के द्वारा उन चीजों को बहार निकालता है जो जमा होकर पथरी में बदल जाती हैं । जो लोग कम पानी पीते हैं और अधिक पसीना बहाते हैं उनके शरीर से ये पदार्थ बहार नही निकल पाते जिसके कारण उनको पथरी बनना शुरू हो जाती है ।

पानी कम पीने पर पेशाब का कलर गहरा पीला हो जाता है जबकी जो सही मात्रा में पानी पीते हैं उनका पेशाब कम पीला और साफ होता है । कोशिश करें की आप एक दिन में 8-10 ग्लास पीने पियें ।

* खराब डाइट:~ हमारी डाइट हमारे स्वास्थ्य पर सीधा असर डालती है आप जिस तरह का आहार लेते हैं उसी अनुसार पता चलता है की आपको पथरी होने का कितना जोखिम है ।

अमूमन गुर्दे में पथरी तब बनती है जब गुर्दे में पेशाब बनाने के दौरान कैल्शियम और ऑक्सालेट आपस में चिपक जाते हैं । ऑक्सालेट एक प्रकार का कैमिल होता है जो कई तरह की स्वास्थ्यवर्धक सब्जियों में पाया जाता है । अगर आपको कैल्शियम स्टोन है तो आपका डॉक्टर उच्च-ऑक्सालेट खाद पदार्थों को लेने से मना कर देगा  ।

* सोडियम:~ आप मुख्यतौर सोडियम को टेबल नमक के माध्यम से प्राप्त करते हैं । लेकिन यह कई प्रकार के गुर्दे की पथरी होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए नमकीन स्नैक्स, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, डिब्बाबंद मीट और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को अधिक लेने से बचें ।

* पशु प्रोटीन:~  पथरी होने की एक वजह पेशाब का अधिक अम्लिय होना भी है ।  लाल मांस ( Red meat ) या शेलफिश ( shellfish ) शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ाता है । जोकि अगर जोडो पर जमा हो जाए तो गाउट का कारण बन सकता है और यदि गुर्दे में जमा हो जाए तो पथरी बन जाता है ।

इसके अलावा पशु प्रोटीन से कैल्शियम का लेवल  बढ़ता है और साइट्रेट की मात्रा कम होती है इन दोनो के मिलन से पथरी बनने की प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिलता हैं ।

* आंत की समस्याएं:~ क्रोन की बीमारी और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे सूजन आंत्र रोग वाले लोगों में पथरी सबसे आम किडनी की समस्या है। आंत्र की समस्याएं आपको दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे कारण कम पेशाब होता हैं। जिसकी वजह से शरीर आंत से अतिरिक्त ऑक्सालेट को अवशोषित कर सकता है,

अधिक मोटापा:~ यदि आप मोटे हैं तो आपको गुर्दे की पथरी होने की संभावना लगभग दोगुनी है। अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स 30 या उससे भी अधिक है। यदि आप 5-10 फुट के हैं, तो 210 पाउंड का होने पर आपको मोटापे का शिकार माना जाएगा ।

वजन कम करने की सर्जरी पाउंड कम करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकती है। लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों का वजन कम करने का ऑपरेशन सबसे ज्यादा होता है, उनमें रॉक्स-एन-वाई गैस्ट्रिक बाईपास होता है, उनमें पथरी होने का खतरा अधिक होता है। वजन कम करने वाली हर सर्जरी इस जोखिम को वहन नहीं करती है, केवल वे ही हैं जो कुपोषण का कारण बनती हैं।

* कुछ आनुवंशिक रोग:~ कुछ आनुवंशिक रोगों के कारण भी पथरी हो सकती है जैसे- मेड्यूलेरी स्पंज किडनी है, जो एक जन्म दोष है जो किडनी में अल्सर का कारण बनता है।

* टाइप 2 मधुमेह:~ मधुमेह मूत्र को अधिक  एसिडिक यानी अम्लीय बना देती है, जिससे पथरी को प्रोत्साहन मिलता है।

* गाउट:~  यह स्थिति खून में यूरिक एसिड का निर्माण करती है और जोड़ों तथा गुर्दे में क्रिस्टल बनाती है। गुर्दे में बनी पथरी बड़ी और बहुत दर्दनाक भी हो सकती है।

* अतिपरजीविता:~ अतिपरजीविता के पैराथायरायड ग्रंथियां बहुत अधिक हार्मोन को पंप करने लगती हैं, जिससे खून और पेशाब में कैल्शियम का लेवल बढ़ जाता है।

* दवाईयां:~ कुछ खास प्रकार की दवाईयां भी होती हैं जो गुर्दे में पथरी का कारण बन सकती हैं जैसे:- सिप्रोफ्लोक्सासिन और सल्फा एंटीबायोटिक्स जैसे एंटीबायोटिक्स दवाईयां और एचआईवी तथा एड्स के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाईयां ।

पथरी का इलाज / pathri ka ilaj In hindi

तो अब तक हम आपको पथरी के बारे में काफी कुछ बता चुके हैं इसलिए अब समाधान की ओर बढ़ते हुए पथरी का ईलाज और पथरी की दवा ( pathri ki dawa ) के बारे में जानते हैं ।

नींबू का जूस पिजिए ( Drink Lemon juice )

नींबू का जूस पत्थरी का सबसे बेस्ट खरेलू उपाय है क्योकि ये कैल्शियम की पथरी को बनने से रोकने में मदद करता है और नींबू में पाया जाने वाला साइट्रेट पथरी को छोटे हिस्सों में तोट देता है जिसके कारण वो आसानी से पेशाब के द्वारा शरीर से बहार चली जाती है ।

आप दिन में जितनी बार हो सके उतनी बार नींबू का जूस पी सकते हैं या आप घर पर ही नींबू पानी बना सकते हैं, जल्दी असर देखने के लिए आपको अधिक मात्रा में नीबू का सेवन करना होगा

पथरी का ईलाज के अलावा नींबू के दूसरे स्वास्थ्य लाभ ( Health benefits ) भी होते हैं जैसै- ये बैक्टेरिया को बनने से रोकता है और शरीर को विटामिन सी देता है ।

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अधिक पानी पिजिए ( Drink more water )

पथरी को शरीर से जल्दी निकालने के लिए आप अधिक पानी पी सकते हैं इससे पथरी तेजी से आपके शरीर से बहार निकलेगी । इसके लिए आपको 8 ग्लास के बजाय दिन में 12 ग्लास पानी पीने की कोशिश करनी चाहिए ।

एक बार जब पथरी आपके शरीर से बहार निकल जाए तो इसके बाद भी 8 से 12 ग्लास पानी पीना जारी रखें क्योकि निर्जलीकरण ( Dehydration ) गुर्दे की पथरी के मुख्य कारणों मे से एक है ।

आपको अपने पेशाब के रंग पर थोडा ध्यान देना चाहिए, यदि पेशाब का रंग थोडा पीला और साफ है तो घबराने की कोई बात नही है लेकिन अगर पेशाब का रंग गहरा पीला है तो ये  निर्जलीकरण का संकेत है ।

तुलसी का जूस पिजिए ( Drink Basil juice )

तुलसी का जूस पथरी से छुटकारा दिलाने और इसके दर्द को कम करने में काफी असरदार होता है क्योकि इसमें एसिटिक एसिड होता है जोकि गुर्दे की पथरी को तोटता है और दर्द में भी राहत पहुचाता है ।

तुलसी का उपयोग सदियों से आयुर्वेद में पाचन और सूजन संबंधी विकारों में होता आया है ।

तुलसी के जूस में एंटीऑक्सिडेंट और सुजनरोधी गुण पाये जाते हैं, जो गुर्दे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं ।

आप चाहें तो तुसली की चाय भी बना कर दिन में कई बार पी सकते हैं मगर ध्यान रहे की तुसली के जूस का सेवन 6 हफ्तों से ज्यादा ना करें बरना आपको लॉ ब्लड शुगर और लॉ ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है ।

सेब का सिरका इस्तेमाल ( Use Apple cider vinegar )

सेब का सिरका भी गुर्दे की पथरी को खत्म करने में लाभकारी है इसमें एसिटिक एसिड होता है जो गुर्दे की पथरी को तोटता है । पथरी को खत्म करने के अलावा सेब का सिरका पथरी के कारण हुए दर्द में भी राहत देता है । इसके अलावा भी सेब के सिरके के बहुत ज्यादा स्वास्थ्य लाभ होते हैं ।

एक लैब स्टाडी से पता चला की सेब का सिरका पथरी को बनने से भी रोकता है हलाकि इस विषय पर अभी और वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है मगर ये सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है इसलिए इसको इस्तेमाल करने के कोई नुकसान नही होते जब तक की आप इसको अधिक मात्रा या गलत तरीके से नही लेते ।

सेब के सिरके के 2 चम्मच को 6 से 8 औंस शुद्ध पानी में डालें और पूरे दिन इस मिश्रण को इस्तेमाल करें

मगर ध्यान रहे की एक दिन में सेब के सिरके का  8 औंस से ज्यादा इस्तेमाल ना करें ।

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अजमोद का जूस पिजिये ( Drink Celery juice )

अजमोद का जूस टॉक्सिन को शरीर से बहार निकाल कर पथरी को बनने से रोकता है और उसको शरीर से बहार निकालने में भी मदद करता है । अजमोद का इस्तेमाल पारंपरिक ईलाज में सादियों से होता आया है
अजमोद का इस्तेमाल करने के लिए पानी में एक या अधिक अजवाइन के डंठल को फेंटें, और पूरे दिन इसके जूस का उपयोग करें । या आप Online भी अजमोद का जूस खरीद सकते हैं ।

आपको अजमोद का सेवन नही करना चाहिए यदि आपको रक्तस्राव विकार, लॉ ब्लड प्रेशर या एक अनुसूचित सर्जरी है ।

अनार का जूस पिजिए ( Drink Pomegranate juice )

अनार के जूस का इस्तेमाल सदियों से किडनी के स्वास्थ को बेहतर बनाने के लिए होता आया है । ये शरीर से पथरी सहित दूसरे टॉक्सिन को भी बहार करता है इसमें अच्छी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं जिससे किडनी की हैल्थ बेहतर बनती है और गुर्दे की पथरी भी नही बनती ।

अनार का जूस पेशाब का एसिडिक लेवल भी कम कर देता है जिससे भविष्य में किडनी होनी की संभावना बहुत कम होती है ।

आप जितना चाहे उतना अनार का जूस पी सकते हैं क्योकि ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है मगर आपको इसका ज्यादा सेवन नही करना चाहिए ।

राजमा का सेवन करें ( Uses of Kidney bean broth in kidney stone )

राजमा ना केवल एक पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजन है, बल्कि इसके इस्तेमाल से आप गुर्दे की पथरी से भी छुटकारा पा सकते हैं । राजमा मूत्र और गुर्दे के स्वास्थ्य में सुधार करता है तथा पथरी को घुला कर शरीर से बहार निकालता है । आपको बस पके हुए राजमा से तरल पदार्द निकालना है और दिन भर उसका इस्तेमाल करना है ।

सिंहपर्णी की जड़ का जूस इस्तेमाल करें ( Use Dandelion root juice )

सिंहपर्णी एक किडनी टॉनिक की तरह काम आता है इससे पित्त के उत्पादन को उत्तेजित करने में मदद मिलती है । यह शरीर से विषैले और बेकार पदार्थों को बहार निकालता है और मूत्र का उत्पादन बढ़ाता है । इसके अलावा सिंहपर्णी से पाचन शक्ति में भी सुधार होता है । इसमें विटामिन (ए, बी, सी, डी) और पोटेशियम, आइरन एंव जिंक जैसे खनिज भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।

एक अध्ययन से पता चलता है की सिंहपर्णी पथरी पथरी के गठन को रोकने में काफी प्रभावी है । आप इसे खुद बना सकते हैं या बाजार से खरीद सकते हैं ।

यदि आप रक्त को पतला करने वाली दवा, antacids एंटीबायोटिक दवाईयां, लिथियम, मूत्रवर्धक, जैसे कि स्पिरोनोलैक्टोन (एल्डक्टोन) ले रहे हैं तो सिंहपर्णी की जड़ का जूस इस्तेमाल करने से बचें ।

व्हीटग्रास के जूस का इस्तेमाल करें ( Drink Wheatgrass juice )

व्हीटग्रास कई प्रकार के पौषक तत्वो से भरपूर है जो सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं । इसके साथ ही व्हीटग्रास मूत्र के प्रवाह को बढ़ा कर पथरी को पारित करने में भी मदद करता । इसमें महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी पाये जाते हैं जो किडनी को साफ करने में मदद करते हैं।

आप डेली 2 से 8 औंस व्हीटग्रास जूस पी सकते हैं। साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए आप छोटी मात्रा से शुरूआत कर सकते हैं और धीरे-धीरे 8 औंस तक बढ़ा सकते हैं ।

हॉस्टैल का जूस पियें ( Drink Horsetail juice )

हॉर्सटेल मूत्र प्रवाह को बढ़ा कर गुर्दे की पथरी को बहार निकालने में मदद करता है । इसके अलावा ये सूजन को कम करने में भी मददगार है । हॉर्सटेल में जीवाणुरोधी और एंटीऑक्सिडेंट गुण भी पाए जाते हैं जोकि समग्र मूत्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं ।

मगर आपको हॉर्सटेल का उपयोग कभी भी 6 हफ्तों से ज्यादा नही करना चाहिए बरना आपको कई साइड इफेक्ट झेलने पड सकते हैं ।

इसके अलावा आपको हॉर्सटेल का उपयोग नही करना चाहिए अगर आपको शराब विकार, मधुमेह, लॉ पोटेशियम का लेवल, और लॉ थियामाइन का स्तर है ।

पथरी से बचाब के उपाय ( Prevention of kidney stone )

कई बार देखा गया है की पथरी के ईलाज के बाद वो दोबारा बनना शुरू हो जाती है इसलिए आपको पथरी के ईलाज के अलावा पथरी से बचनेे के उपायों के बारे में भी पता होना चाहिए इसलिए यहाँ पथरी की रोकथाम या बचाव के उपायों के बारे में बता रहे हैं ।

* हाइड्रेटेड रहिये ( Stay hydrated ):~ अधिक मात्रा में पानी पीना पथरी को रोकने के सबसे अच्छे उपायों में से एक है । अगर आप जरूरी मात्रा में पानी नही पीयेगे तो इससे मूत्र उत्पादन कम होगा । मूत्र उत्पादन कम होने से मूत्र अधिक केंद्रित होगा जिसकी वजह से पथरी करने वाले मूत्र लवण को भंग करने की संभावना कम होगी ।

अगर आप नींबू पानी या संतरे का जूस पी सकते हैं तो और भी अच्छा रहेगा क्योकि इनमे साइट्रेट पाया जाता है जो पथरी को बनने से रोकते हैं ।

आपको डेली 2 लीटर पेशाब करने की जरूरत है इसके लिए आप प्रतिदिन 8 ग्लास पानी पी सकते हैं । अगर आप रेगुलर व्यायाम करते हैं या आपको पहले कभी सिस्टीन पथरी हुई थी तो आपको और अधिक पानी या तरल पदार्थों की अवाश्यकता है ।

* सोडियम को कम लें ( Eat less sodium ):~हाई सेल्ट यानी उच्च नमक वाली डाइट पथरी होने के खतरे को कई गुना बढ़ा सकती है । यूरोलॉजी केयर फाउंडेशन के अनुसार पेशाब में बहुत ज्यादा नमक कैल्शियम को पेशाब से रक्त में पुन: अवशोषित होने से रोकता है जिससे हाई यूरिन कैल्शियम हो सकता है जिससे पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है ।

कम नमक लेने से मूत्र में कैल्शियम का लेवल भी कम होता है जिससे गुर्दे की पथरी बनने की संभावना काफी कम रहती है ।

* हाई सोडियम वाले कई खाद पदार्थ हैं जैसे:- ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें सोडियम बाइकार्बोनेट (बेकिंग सोडा) पाया जात है, चिप्स, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट अधिक पाया जाता है, डिब्बाबंद सब्जियों, और डिब्बाबंद सूप

नमक को इस्तेमाल किए बिना स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों का आनन्द लेने के लिए, ताजा हर्बल या नमक-मुक्त, हर्बल मसाला मिश्रण का उपयोग करें ।

* कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन करें ( Eat more calcium-rich foods ):~ आमतौर पर अधिकतर लोगो को कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी होती है जिसके कारण लोगो को लगने लगता है की कम कैल्शियम वाला आहार लेने से गुर्दे की पथरी से बचा जा सकता है मगर होता इसका उल्टा है, कम कैल्शियम वाला भोजन लेने से गुर्दे की पथरी और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा काफी बढ़ जाता है ।

हलाकि कैल्शियम के सप्लीमेंट लेने से पथरी का खतरा बढ़ता है मगर आप इनको यदि भोजन के साथ लेगे तो पथरी का खतरा कम हो सकता है ।

ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थों में गेहु का भूसा, कॉफ़ी, शकरगंदी, मूंगफली, सोया प्रोडक्ट्स, पालक और चॉकलेट आते हैं ।

ऑक्सीलेट और कैल्शियम गुर्दे तक पहुंचने से पहले ही पाचन तंत्र की आंतो में आपस में बँध जाते हैं, इसलिए यदि आप एक ही समय में उच्च ऑक्सालेट खाद्य पदार्थ और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ लेते हैं, तो पथरी का बनना कठिन होगा ।

* कम पशु प्रोटीन लें ( Eat less animal protein ):~ पशु प्रोटीन अधिक अम्लीय होता है जिससे मूत्र एसिड बढ़ता है ।

तो आश करते हैं की आपको पथरी का इलाज और Pathri ki dawa के बारे में बताने में सफल रहें इस लेख में हमने गुर्दे की पथरी से जुड़ी हर प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी को देने का प्रयास किया है अगर फिर भी आपके मन में कोई संदेह या सवाल है तो हमें कमेंट कर के जरूर बताएं ।

3 thoughts on “पथरी का इलाज, दवा और उपाय Kidney stone in hindi”

  1. श्री मान सादर नमस्कार ।मेरे परिवार सदस्या (पुत्रवधु ) के किडनी स्टोन के लिए आयुर्वेदिक, देशी,व होमियोपैथिक आदि ईलाज लिया ,लेकिन पथरियो का आकार व तादाद बढने के कारण आखिर दोनों किडनी की सर्जरी करवानी पङी ।अब डाक्टर के अनुसार किडनीया कमजोर है,एस. करिटिनाइन 2.5 के आसपास चल रहा है व एलोपेथी दवाई टेबलेट चल रही है ।फरुट जूस आदि मना है । साथ साथ पेराथाइराइड हार्मोन 171 लेवल आया है ।कृपया इसके लिए आपकी सलाह- सुझाव-ईलाज अपेक्षित है ।सर, सर्जरी ईलाज अहमदाबाद करवाया ,कारण कि जयपुर के डाक्टर ने स्टोन बङे होने का कहकर रिस्क बताया ।स्टोन साईज में 32 व 25एम् एम तक हो गये ।

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    • देखिये श्रीमान जी आयुर्वेद और दूसरे प्राकृतिक चिकित्सा में दवा एंव इलाज व्यक्ति की स्थिति, रोग की गंभीरता और रोग की उम्र के हिसाब दी जाती है इसलिए आप अपने नजदीक किसी काबिल और अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श लें, वो आपके परिवारजन की स्थिति को देख कर सही और कारगर उपाय बताएगा ।

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  2. पता- सम्पतलाल शर्मा ग्राम अगरोट तहसील डीडवाना जिला नागौर (राजस्थान) 341305

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