प्रेगनेंसी में पेट में धक् धक् होना : जरूर जानें इन संकेतों को, वरना पछताना पड़ेगा

प्रेगनेंसी में पेट में धक् धक् होना – महिलाओं के लिए गर्भधारण जितना खूबसूरत और गौरवपूर्ण एहसास होता है, उतना ही अधिक चुनौतीपूर्ण भी होता है और शायद इसलिए एक महिला को जननी कहा जाता है। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाऐं बहुत सारे बदलावों से होकर गुजरती है और उसे मिलते हैं कुछ ऐसे एहसास जो वह हमेशा याद रखना चाहती हैं।

यदि आप प्रेग्नेंट हैं और आप 4 महीने से अधिक का समय पूरा कर चुकी हैं तो आपने अपने पेट में काफी बार धक धक् का अनुभव किया होगा और शायद आप परेशान भी हुई होंगी। तो आपके मन में भी यह ख्याल आता है कि आपको प्रेगनेंसी में पेट में धक धक क्यों होता है?

प्रेगनेंसी में पेट में धक् धक् होना

आज के इस आर्टिकल में हम इसी टॉपिक “Pregnancy mein pet me dhak dhak hona” पर विस्तार से चर्चा करने वाले हैं। एक बात का ध्यान रखें कि यदि आपको पेट में दर्द या कोई अनजान हलचल महसूस हो तो आप डॉक्टर से राय जरूर लें और जरुरी चेकअप करवाएं। फ़िलहाल हम आगे बढ़ते हैं आज के इंटरेस्टिंग आर्टिकल में।

प्रेगनेंसी में पेट में धक् धक् होना – प्रेगनेंसी के चरण

गर्भावस्था में पेट में धक् धक् होना गर्भ में पल रहे शिशु के हलचल की वजह से होने वाला एहसास है। दरअसल, जब शिशु 16वे सप्ताह या 4th महीने में प्रवेश करता है तो वह आकार लेने लगता है और उसका वजन भी लगभग 150ग्राम से अधिक हो जाता है, ऐसे में जब वह करवट लेता है तो गर्भवती महिला को धक् धक् का एहसास होता है।

साथ ही जब बच्चा पेट में हिलता डुलता है या अपने हाथ पैर हिलाने की कोशिश करता है तो वह महिला के पेट से स्पर्श करता है और महिला को धक् धक् का एहसास होता है। आपने अक्सर महिलाओं को कहते सुना होगा कि बच्चा पेट में लात मार रहा है तो यह बिल्कुल वही स्थिति है।

इसके अलावा आप एक और बात का भी ध्यान दे सकती हैं जब आपका पेट टाइट हो जाता है क्योंकि तब शिशु का आकार बढ़ रहा होता है। कुछ स्थितियों में आपको दर्द का एहसास भी होता है, ये सभी लक्षण स्वस्थ शिशु की ही पहचान है इसलिए आपको घबराना नहीं है।

जैसे कि मैंने आपको बताया प्रेगनेंसी में पेट में धक् धक् होना जैसी स्थितियां लगभग चौथे महीने या उसके बाद होती हैं। लेकिन यदि आपको ये संकेत समय से पहले दूसरे या तीसरे महीने में ही दिखाई देने लगे या आपके पेट में अधिक दर्द हो तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेनी चाहिए, सम्भवतः आपको कुछ और समस्या भी हो।

प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में बच्चे की हलचल महसूस क्यों होती है

प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में बच्चे की हलचल महसूस होने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण यह है कि बच्चे का सिर गर्भाशय के निचले हिस्से में होता है। जब बच्चा हिलता-डुलता है, तो उसका सिर गर्भाशय की मांसपेशियों पर दबाव डालता है, जिससे मां को हलचल महसूस होती है।

अन्य कारणों में शामिल हैं:

  • बच्चे का पैर या हाथ गर्भाशय की दीवार को छूता है।
  • शिशु गर्भाशय में घूमता है या करवट लेने की कोशिश करता है।
  • भार के कारण बच्चा नीचे की ओर सरकने लगता है और दबाव बनाता है।
  • बच्चा पेट में पानी या गैस से भरे थैले को हिलाता है।

ध्यान रखें कि गर्भावस्था के शुरुआती चरण में, बच्चा बहुत छोटा होता है, इसलिए मां को उसकी हलचल महसूस नहीं होती है। आमतौर पर, 16 से 20 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच, मां को बच्चे की हलचल महसूस होने लगती है।

एक और महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखें कि यदि आपको बच्चे की हलचल में कोई असामान्यता महसूस होती है या अधिक भार महसूस होता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चे की हलचल में कमी होना या हलचल ही न होना एक गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है।

इसे भी पढ़ें – प्रेगनेंसी में पेट कब निकलता है और पेट कितना बडा एंव चौड़ा होना चाहिये

प्रेगनेंसी में पेट में धक् धक् होना – इन बातों का रखें ख्याल

बच्चे की हलचल महसूस करना निश्चित रूप से महिला के लिए बेहद सुखदायी और खूबसूरत पल होता है। गर्भधारण के पहले दिन से ही महिला को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है लेकिन इसी के साथ ही महिलाओं को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए जो निम्नलिखित हैं –

  • बच्चे की हलचल को नियमित रूप से महसूस करें। आमतौर पर, बच्चे को दिन में कम से कम 10 बार महसूस किया जाना चाहिए। यदि आप बच्चे को कम महसूस करती हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
  • बच्चे की हलचल की तीव्रता और समय पर ध्यान दें। बच्चे की हलचल की तीव्रता और समय पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है। यदि आप बच्चे की हलचल में कोई असामान्य परिवर्तन नोटिस करती हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
  • बच्चे की हलचल को प्रभावित करने वाले कारकों से अवगत रहें। कुछ कारक हैं जो बच्चे की हलचल को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे कि:
    – खाना खाना की समयावधि
    – सोना की अवधि
    – गर्भाशय में स्थान
    – गर्भ में बच्चे का आकार
    – गर्भाशय में पानी की मात्रा

नोट – पेट में धक् धक् होना या हलचल होना प्रत्येक महिला में कम ज्यादा, या देरी से होना सामान्य बात है, इसलिए आपको घबराना नहीं है। आपको यदि कुछ भी असामान्य दिखाई दे या महसूस हो तो डॉक्टर से चेकअप कराना न भूलें।

इसे भी पढ़ें – प्रेगनेंसी में सुबह कितने बजे उठना चाहिए ? इस समय होगा जबरदस्त फायदा

निष्कर्ष

दोस्तों, ये था हमारा आज का आर्टिकल महिलाओं को समर्पित जिसमे हमने बात की प्रेगनेंसी में पेट में धक धक क्यों होता है (Pregnancy mein pet me dhak dhak hona). जो महिलाऐं पहली बार गर्भधारण करती हैं वे इससे थोड़ा परेशान हो जाती हैं लेकिन ये बिल्कुल सामान्य अवस्था है।

हालंकि जिन महिलाओं में 4 महीने बाद भी पेट में हलचल न महसूस हो तो उनके लिए यह चिंता का विषय हो सकता है और उन्हें डॉक्टर की सलाह तुरंत लेनी चाहिए। यदि आप भी गर्भवती हैं या आपका पार्टनर गर्भवती है तो आपको ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ आपसे विदा लेते हैं और मिलते हैं अगले आर्टिकल में।

Leave a Comment